सावधान! बिना OTP नंबर के भी खातों से निकाले जा रहे पैसे, ऐसे हो रहा है फ्रॉड..

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ओटीपी नंबर के जरिए ऑनलाइन ट्रांजेक्शन को काफी सुरक्षित माना जाता है,  लेकिन अब शातिर साइबर अपराधियों ने इसका भी तोड़ निकाल लिया है. बैंक अपने ग्राहकों को यह सलाह देते हैं कि अपना डेबिट/क्रेडिट कार्ड का पिन नंबर या ओटीपी किसी को नहीं बताना चाहिए और यदि आप ऐसा करते हैं तो धोखाधड़ी से बचे रहेंगे. लेकिन अब अपराधी बिना ओटीपी नंबर के ही आर्थिक अपराध को अंजाम देने लगे हैं. इसे लेकर आर्थिक अपराध इकाई बिहार ने लोगों के लिए एक अलर्ट जारी किया है. इसमें बताया गया है कि बिना ओटीपी बताए आपके अकाउंट से पैसा निकल जाएगा और इसके बाद साइबर अपराधी ओटीपी पूछते हैं.

आर्थिक अपराध इकाई ने बताया कि हाल के दिनों में प्राप्त जानकारी के अनुसार कुछ लोगों का खाता से बिना OTP बताये खाते से रकम गायब होने का मामला प्रकाश में आ रहा है. इस तरह के साइबर अपराध में साइबर अपराधी पहले किसी तरीके से किसी व्यक्ति का नेट बैंकिग का यूजर आईडी एवं पासवर्ड हैक कर लेते है.

उसके बाद नेट बैंकिग के माध्यम से उनके हैक किये गये यूजर आईडी एवं पासवर्ड के द्वारा उनके खाते की रकम को Fixed Deposit बना लेते है जिससे उनके खातों में राशि कम हो जाता है. इसमें 0TP की SMS खाताधारक को नहीं जाता है.

 उसके बाद साइबर अपराधी फोन करके उसे बताते है कि आपके खाते से बैलेस डेबिट कर लिया गया है, यदि रकम वापस चाहते है तो भेजे गये OTP को बतायें जैसे ही खाताधारक अपना रकम पाने के लिए OTP शेयर करने की भूव करते हैं वैसे ही उक्त रकम को साइबर अपराधी अपने अकाउंट में ट्रांसफर कर लेते हैं.

आर्थिक अपराध इकाई ने खाताधारकों को अलर्ट करते हुए कहा कि ऐसे किसी SMS या फोन द्वारा मांगे गये OTP कभी भी न बतायें. 

ऐसे बरते सावधानी…

1.खाताधारक अपना नेट बैंकिंग का पासवर्ड मजबूत रखें एवं उसे नियमित अंतराल पर बदलते रहें. 

2. Cyber Cafe या किसी अन्य व्यक्ति के कम्प्यूटर पर नेट बैंकिग Login करने से बचे.

3. कमी भी ईमेल या मैसेज में आये Link पर क्लिक कर बैंक के Website न खोलें हमेशा Browser के Address Bar में जाकर बैकिंग Domain Name को टाईप करें.

 4. अपना Account बराबर चेक करते रहें तथा अपनें कम्प्यूटर में हमेशा 0riginal Antivirus Software का उपयोग करें.

आर्थिक अपराध इकाई ने बताया कि उपर्युक्त मामलों में पाया गया है कि खाताधारक का पैसा बैंक के अकाउंट में मौजूद होता है, और रकम तब तक ट्रांसफर नहीं होता है जब तक आप अपना OTP शेयर नहीं करते है. अगर खाताधारक द्वारा समय पर संबंधित जानकारी पुलिस और बैंक पदाधिकारी से साझा करते है तो रकम वापस प्राप्त किया जा सकता है.

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