बिहार में अब तक नहीं हुई थी मई में इतनी बारिश, प्री मॉनसून का छह साल पुराना रिकार्ड टूटा

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प्री मॉनसून की बारिश ने इस बार गर्मी की तपिश को धो कर रख दिया. लू तो सिर्फ एक दिन महज दो जिलों में ही चली़ प्री मॉनसून में इस बार बारिश वर्ष 2021 में सामान्य से 227 फीसदी (267.5 मिलीमीटर) और अकेले मई माह की बारिश में सर्वकालीन सर्वाधिक 369 फीसदी (261 मिलीमीटर) अधिक हुई है़

प्री मॉनसून में जबररदस्त उतार चढ़ाव प्रदेश के मौसम विज्ञानियों के लिए अध्ययन का विषय बन गया है़ दरअसल मौसम विज्ञानियों का मानना है कि देश के पूर्वी हिस्से में जलवायु परिवर्तन तेजी से असरदार ढंग से सामने आ रहा है़ बंगाल की खाड़ी में लगातार आ रहे तूफानों ने प्रदेश में प्री मॉनसूनी बारिश का ट्रेंड बेहद अनिश्चित हो गया है़

वर्ष बारिश

  • 2015 103.8
  • 2016 93.5
  • 2017 124
  • 2018 70.1
  • 2019 76.7
  • 2020 182.2
  • 2021 267.5

बारिश की मात्रा (मिलीमीटर में )

नोट: प्रदेश की सामान्य प्री मॉनसून बारिश 81.7 मिलीमीटर है़

प्री मॉनसून सीजन खत्म

बारिश की अनिश्चितता बिहार की खेती और आबोहवा को प्रभावित करने लगी है़ हो सकता है कि तात्कालिक फायदा प्रदेश को हो लेकिन क्लाइमेट में बदलाव का ट्रेंड लंबे समय के लिए घातक साबित हो सकता है़ देखा गया है कि प्री मॉनसून में पिछले कुछ सालों में चक्रवात या तूफानी बारिश जरूर आ रही है़ उल्लेखनीय है कि 31 मई को प्री मॉनसून सीजन खत्म हो गया है.

प्रदेश के कई हिस्सों में होगी बारिश

प्रदेश के तापमान में मंगलवार से इजाफा होगा़ हालांकि यास तूफान की वजह से वातावरण में मौजूद नमी बारिश और ठनका की वजह बनेगी़ सोमवार को दर्जनों स्थानों पर सामान्य से भारी बारिश दर्ज की गयी है़

इसी तरह बारिश का दौर अगले 48 घंटे तक बना रह सकता है़ ठनके से अलर्ट रहने की जरूरत है़ सारण, पश्चिमी और पश्चिमी चंपारण, गोपालगंज, सीतामढ़ी, मधुबनी, मुजफ्फरपुर, दरभंगा, वैशाली, शिवहर और समस्तीपुर में बारिश की संभावना बनी हुई है़

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