विदेशी मुद्रा भंडार 600 अरब डॉलर के पार! पीएम मोदी के कार्यकाल में ‘दोगुना’ हुआ फॉरेन रिजर्व

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देश का विदेशी मुद्रा भंडार नए रिकॉर्ड पर पहुंच चुका है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI)के गवर्नर शक्तिकांत दास ने शुक्रवार को मौद्रिक नीति की घोषणा के दौरान बताया कि पिछले शुक्रवार तक देश का विदेशी मुद्रा भंडार 598.2 अरब डॉलर की रिकॉर्ड ऊंचाई तक पहुंचा है और इसको लेकर आधिकारिक आंकड़े शाम को जारी होंगे। RBI गवर्नर ने यह भी बताया कि इस हफ्ते जो संकेत मिले हैं उनके अनुसार देश का विदेशी मुद्रा भंडार 600 अरब डॉलर के आंकड़े को पार कर चुका है और इसको लेकर आधिकारिक आंकड़े अगले शुक्रवार को जारी होंगे।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल में देश का विदेशी मुद्रा भंडार लगभग दोगुना हुआ है। प्रधानमंत्री मोदी ने मई 2014 में कार्यभार संभाला था। मई 2014 के अंत में देश का विदेशी मुद्रा भंडार 312.38 अरब डॉलर था जो अब बढ़कर 600 अरब डॉलर के पार पहुंच गया है। मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल को 2 साल पूरे हो चुके हैं और 2 साल के दौरान देश के विदेशी मुद्रा भंडार में लगभग 179 अरब डॉलर की बढ़ोतरी हुई है। मई 2019 के अंत में देश का विदेशी मुद्रा भंडार 421.86 अरब डॉलर था।

स्वर्ण भंडार और विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियां बढ़ने से मुद्रा भंडार बढ़ा है। दास ने शुक्रवार को केंद्रीय बैंक की द्विमासिक मौद्रिक नीति समीक्षा की घोषणा करते हुए कहा कि मौजूदा अनुमान के आधार पर हमारा मानना है कि विदेशी मुद्रा भंडार संभवत: 600 अरब डॉलर के आंकड़े को पार कर गया है। अर्थव्यवस्था में तरलता को प्रोत्साहन के लिए केंद्रीय बैंक ने कई कदमों की घोषणा की है। इनमें कोविड-19 महामारी से प्रभावित विभिन्न क्षेत्रों के लिए विशेष नकदी सुविधा शामिल है। रिजर्व बैंक ने सरकारी प्रतिभूतियों के खरीद कार्यक्रम (जी-सैप) 2.0 की भी घोषणा की। केन्द्रीय बैंक ने कहा कि चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में रिजर्व बैक 1.20 लाख करोड़ रुपये की सरकारी प्रतिभूतियों की द्वितीयक बाजार से खरीद करेगा। वहीं, रिजर्व बैंक 17 जून को 40 हजार करोड़ रुपये की सरकारी प्रतिभूतियों की खरीद करेगा। 

ब्याज दरों में बदलाव नहीं

भारतीय रिजर्व बैंक गवर्नर शक्तिकांत दास ने मौद्रिक नीति का ऐलान कर दिया है, ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। आरबीआई गवर्नर ने मौद्रिक नीति समीक्षा (MPC) की बैठक के नतीजों की घोषणा की। लगातार बढ़ती महंगाई के कारण रिजर्व बैंक की मॉनेटरी पॉलिसी कमिटी ने पॉलिसी रेट में कोई बदलाव ना करने का फैसला किया है। आरबीआई ने अप्रैल में हुई पिछली एमपीसी बैठक में प्रमुख ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया था। इसके साथ ही रेपो रेट 4 प्रतिशत, रिवर्स रेपो रेट 3.35 और सीआरआर 4 प्रतिशत पर स्थिर है। एमएसएफ रेट और बैंक रेट बिना किसी बदलाव के साथ 4.25 प्रतिशत रहेगा। आरबीआई गवर्नर ने कहा कि बेहतर मानसून के साथ ही इकोनॉमी में रिकवरी देखने को मिलेगी।

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