बड़ी खुशखबरी: बिहार मैट्रिक और इंटर की परीक्षा में फेल हुए सब स्टूडेंट पास, सरकार ने लिया बड़ा फैसला

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कोरोना काल में बिहार मैट्रिक और इंटरमीडिएट की परीक्षा में फेल हुए छात्र-छात्राओं के लिए बड़ी खुशखबरी है. बिहार सरकार ने बड़ा निर्णय लेते हुए एग्जाम में फेल हुए परीक्षार्थियों को पास करने का एलान कर दिया है. शुक्रवार को बिहार के शिक्षा मंत्री विजय कुमार चैधरी ने एलान किया कि सरकार इसबार कोरोना के कारण कम्पार्टमेन्टल परीक्षा कराने में सक्षम नहीं है. इसलिए फेल हुए छात्र-छात्राओं को ग्रेस मार्क्स देकर पास करने का फैसला लिया गया है.

शुक्रवार को बिहार के शिक्षा मंत्री विजय कुमार चौधरी ने बताया कि मैट्रिक और इंटर की परीक्षा में फेल हुए छात्र-छात्राओं के लिए कम्पार्टमेन्टल परीक्षा का आयोजन होना था. लेकिन कोरोना के कारण अगले दो-तीन महीने में भी कम्पार्टमेन्टल परीक्षा का आयोजन कराना संभव नहीं है. अगर अगर 2-3 महीने बाद कम्पार्टमेन्टल परीक्षा का आयोजन किया भी जाता है. तो परीक्षाफल का प्रकाशन अक्टूबर-नवंबर के पहले संभव नहीं हो पायेगा. इसलिए परीक्षार्थियों को इस परीक्षा में पास होने का लाभ नहीं मिल पायेगा.

शिक्षा मंत्री ने कहा कि विद्यार्थियों के हित को ध्यान में रखते हुए बिहार विद्यालय परीक्षा समिति द्वारा इंटरमीडिएट और मैट्रिक परीक्षा में एक या दो विषयों में फेल होने वाले परीक्षार्थियों को कुछ अतिरिक्त ग्रेस नंबर देकर पास करने की समिति के प्रस्ताव पर शिक्षा विभाग ने सहमति प्रदान की है. शिक्षा मंत्री ने इसकी घोषणा की कि अतिरिक्त ग्रेस नंबर से पास हुए परीक्षार्थियों का रिजल्ट तैयार कर लिया गया है. समिति की वेबसाइट पर results.biharboardonline.com पर कल यानी कि शनिवार 19 जून को शाम 5 बजे से उपलब्ध रहेगा. मैट्रिक और इंटर की परीक्षा में एक या दो सब्जेक्ट में फेल होने वाले छात्र अपना रोल नंबर और रोल कोड डालकर रिजल्ट चेक कर सकते हैं.

गौरतलब हो कि इंटरमीडिएट की परीक्षा में इसबार 13,40,267 परीक्षार्थियों में से 10,48,846 विद्यार्थी यानि कि 78.26% पास हुए थे. एक या दो सब्जेक्ट में फेल होने वाले 97 हजार 474 परीक्षार्थियों को भी अब पास कर दिया गया है. इसमें आर्ट्स में फेल होने वाले 53 हजार 939, कॉमर्स में फेल होने वाले 1 हजार 814 और साइंस में फेल होने वाले 41 हजार 691 छात्र-छात्राओं को ग्रेस अंक देकर पास कर दिया गया है. साथ ही वोकेशनल में फेल होने वाले 30 विद्यार्थियों को भी पास कर दिया गया है. इस प्रकार अब इंटर परीक्षा में पास होने वाले कुल विद्यार्थियों की संख्या 11 लाख 46 हजार 320 हो गई है. यानि कि अब इंटर परीक्षा में पास होने वाले परीक्षार्थियों का औसत 85.53 प्रतिशत हो गया है.

इस तरह मैट्रिक परीक्षा में फेल हुए 1 लाख 21 हजार 316 परीक्षार्थियों अतिरिक्त ग्रेस अंक देकर पास किया गया है. पहले परीक्षा में शामिल 16,54,171 विद्यार्थियों में मात्र 12 लाख 93 हजार 54 छात्र-छात्राओं को सफलता मिली थी. यानि कि 78.17% परीक्षार्थी ही सफल हो पाए थे. अब कुल 14 लाख 14 हजार 370 स्टूडेंट्स पास हो गए. यानी कि मैट्रिक परीक्षा में पास होने वालों का औसत 85.50 प्रतिशत हो गया है.

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