गांवों तक तेज इंटरनेट पहुंचाने की योजना को कैबिनेट ने किया अप्रूव, 3.60 लाख पंचायतों को ब्रॉडबैंड से जोड़ने के लिए भारतनेट प्रोजेक्ट को भी मंजूरी

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बुधवार को कैबिनेट मीटिंग हुई। मीटिंग के बाद केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावडेकर और रविशंकर प्रसाद ने दो दिन पहले वित्त मंत्री की तरफ से ऐलान किए गए 6.28 लाख करोड़ रुपए के राहत पैकेज को मंजूरी मिलने की जानकारी दी। कैबिनेट मीटिंग में 80 करोड़ लोगों को मुफ्त राशन देने समेत पॉवर और टेलीकॉम सेक्टर के लिए भी अहम फैसले लिए गए हैं।

IT और टेलीकॉम मिनिस्टर रविशंकर प्रसाद ने कहा कि इन्फॉर्मेशन हाईवे हर गांव तक पहुंचाने के लिए सरकार ने ऐतिहासिक फैसला लिया है। इसके लिए 19 हजार करोड़ रुपए की मंजूरी दी गई है। पिछले साल 15 अगस्त को लाल किले से PM मोदी ने भारतनेट (BharatNet) के जरिए 1000 दिन में 6 लाख गांवों में ऑप्टिकल फाइबर ब्रॉडबैंड लगाने की बात कही थी। यह प्रोजेक्ट दुनिया का सबसे बड़ा ब्रॉडबैंड प्रोग्राम माना जा सकता है, जो गांवों को इंटरनेट से कनेक्ट करेगा।

वित्त मंत्री ने सोमवार को राहत पैकेज का ऐलान किया था
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कोविड से प्रभावित अर्थव्यवस्था को तेजी लाने के लिए सोमवार को कई आर्थिक घोषणाएं की थीं। इसमें कुछ नई योजनाएं शामिल हैं, वहीं कुछ पुरानी योजनाओं का विस्तार किया गया है। नए आर्थिक पैकेज में कोविड से प्रभावित सेक्टर्स के लिए नई घोषणाएं की गई हैं। वित्त मंत्री ने कुल 6,28,993 करोड़ रुपए के आर्थिक राहत की घोषणा की थीं।

भारतनेट के लिए सरकार 19 हजार करोड़ रुपए देगी ​​​​​​
कैबिनेट मीटिंग में सरकार ने भारतनेट को PPP मॉडल के तहत मंजूरी दी। इसके तहत देश के 16 राज्यों में कुल 3.60 लाख पंचायतों को ब्रॉडबैंड से जोड़ने के लिए 29 हजार करोड़ रुपए का प्रोजेक्ट है। इस पर खर्च होने वाली कुल रकम में भारत सरकार का हिस्सा 19,041 करोड़ रुपए है। सरकार ने इस योजना के लिए 42 हजार करोड़ रुपए पहले ही जारी कर दिए हैं। अब तक इस पर करीब 62 हजार करोड़ रुपए खर्च हो चुके हैं।

कैबिनेट ने मुफ्त राशन के प्रोजेक्ट को भी मंजूरी दी
सूचना और प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि कैबिनेट ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के बजट में किए गए ऐलानों को भी मंजूरी दे दी है। इसके तहत नवंबर 2021 तक 80 करोड़ नागरिकों को फ्री राशन दिया जाएगा। हालांकि, इसका ऐलान पहले ही किया जा चुका है, जिसके लिए अब 93 हजार करोड़ रुपए के फंड को मंजूरी मिली है।

सरकार ने पॉवर रिफॉर्म के लिए 3.03 लाख करोड़ का फंड मंजूर किया
पॉवर सेक्टर में सुधार पर भी केंद्रीय कैबिनेट ने अहम फैसला लिया है। इसके तहत राज्य सरकारों से प्लान मांगा जाएगा और केंद्र की ओर से उन्हें पैसा दिया जाएगा। बड़े शहरों में ऑटोमैटिक बिलिंग सिस्टम को भी लागू करने की तैयारी है। केंद्रीय मंत्री आरके सिंह ने कहा कि इसमें सोलर सिस्टम को मजबूत करने का भी प्लान है।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 28 जून को ही पावर डिस्ट्रीब्यूशन स्कीम के लिए 3 लाख करोड़ की मंजूरी दी थी। पुरानी HT-LT लाइंस को बदला जाएगा, ताकि लोगों को 24 घंटे बिजली मिल सके। गरीबों के लिए हर दिन रीचार्ज सिस्टम लाया जाएगा। पावर सेक्टर के लिए 3.03 लाख करोड़ रुपए की मंजूरी मिली है। इस फंड से डिस्कॉम को इन्फ्रास्ट्रक्चर निर्माण और सुधार के लिए पैसे दिए जाएंगे। 3 लाख करोड़ रुपए के इस फंड में केंद्र सरकार 97,631 करोड़ रुपए देगी।

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