पाकिस्तान में आतंकियों ने आर्मी कैप्टन समेत 12 सैनिकों को उतारा मौत के घाट, कई लोगों को बनाया बंधक

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पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान में बड़ा आतंकी हमला हुआ है। जानकारी के मुताबिक पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रक्षेत्र में हुए इस हमले में पाकिस्तानी आर्मी के एक कैप्टन और 11 सैनिकों की आतंकवादियों ने हत्या कर दी है। यह भी बताया जा रहा है कि इलाके में काम करने वाले कुछ आम नागरिकों को आतंकवादियों ने बंधक भी बना लिया है। पाकिस्तानी सेना के मृतक आर्मी कैप्टन की पहचान कैप्टन अब्दुल बासित के तौर पर हुई है। कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में यह भी बताया जा रहा है कि इस हमले में करीब 15 सैनिक घायल भी हुए हैं।

इस हमले के बाद पाकिस्तानी आर्मी ने खुर्रम इलाके में आतंकवादियों के खिलाफ ऑपरेशन भी शुरू कर दिया है। स्थानीय मीडिया की मानें तो कैप्टन बासित रेस्क्यू मिशन का नेतृत्व कर रहे थे। हाफिज दौलत खान नाम के आतंकवादी के बारे में कहा जा रहा है कि उसने टेलिकॉम सेक्टर में काम करने वाले 6 कर्मचारियों को बंधक भी बना लिया है। 

पाकिस्तानी मिल्ट्री के मीडिया विंग इंटर-सर्विसेज पब्लिक रिलेशन्स (आईएसपीआर) के हवाले से पाकिस्तानी न्यूज चैनल Geo TV ने अपनी एक रिपोर्ट में बताया है कि पाकिस्तानी सैनिकों ने तीन आतंकवादियों को मौत की नींद सुला दिया है। इसके अलावा इलाके में सर्च ऑपरेशन भी चलाया जा रहा है। आईएसपीआर के हवाले से यह भी बताया गया है कि यहां सुरक्षा बलों को इस इलाके में आतंकवादियों की उपस्थिति का पता चला था जिसके बाद सेना ने आतंकवादियों के खिलाफ ऑपरेशन चलाया था। इसी दौरान आतंकवादियों ने अचानक सुरक्षा बलों पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसा दीं।

तालिबानी दहशतगर्दों ने किया हमला?

कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में यह भी कहा जा रहा है कि इस नरसंहार को तहरीक-ए-तालिबान-पाकिस्तान के दहशतगर्दों ने अंजाम दिया है। कहा जा रहा है कि पाकिस्तान की थल-स्कॉउट की जिस पैट्रोलिंग-पार्टी पर हमला हुआ है, उसने तालिबान के कुछ लड़ाकों को गिरफ्तार कर लिया था और एक लड़ाके को गोली मार दी थी। इससे गुस्साएं तालिबान ने थल स्कॉउट्स के 11 सैनिक और एक कैप्टन की हत्या कर दी। यह भी कहा जा रहा है कि थल-स्कॉउट के 4 सैनिकों को तालिबानी लड़ाकूओं के सामने सरेंडर किया था। जिन्हें तालिबानी लड़ाके अपने साथ ले गए। अगवा किये गये सैनिकों के बारे में अभी कोई जानकारी नहीं मिल पाई है। हालांकि, यह हमला तालिबानी लड़ाकुओं ने ही किया है? अभी इसके बारे में पाकिस्तान की तरफ से आधिकारी तौर से कुछ भी नहीं कहा गया है।

तालिबानियों का बढ़ रहा वर्चस्व

हाल ही में अमेरिकी सेना ने अफगानिस्तान छोड़ दिया है। कहा जा रहा है कि अमेरिकी सैनिकों के हटने के बाद यहां तालिबान का वर्चस्व काफी बढ़ रहा है। खास कर पाकिस्तान का खैबर पख्तूनख्वा प्रांत तालिबानियों के निशाने पर रहता है। अमेरिकी सेना के अफगानिस्तान से लौटने और तालिबान के बढ़ते वर्चस्व से इस प्रांत में शरणार्थियों का तांता लग गया है। इसके अलावा यहां सक्रिय कबीले, कट्टरपंथी और आतंकी संगठन (टीटीपी, हक्कानी नेटवर्क इत्यादि) एक बार फिर से एक्टिव हो गए हैं।

पहले भी आतंक मचा चुका है तालिबान

बता दें कि ‘गुड तालिबान’ और ‘बैड तालिबान’ की बात करने वाले पाकिस्तान में तालिबानियों का आतंक कोई नई बात नहीं है। टीटीपी वही संगठन है जिसके आतंकियों ने पाकिस्तान के पेशावर में 16 दिसबंर 2014 को आर्मी स्कूल पर भी हमला किया था। इस हमले में तकरीबन 200 मासूम बच्चों की जान चली गई थी।

हाफिज सईद के घर के बाहर हुआ था ब्लास्ट

इससे पहले पिछले महीने लाहौर के जौहर टाउन में राजस्व बोर्ड हाउसिंग सोसाइटी में हाफिज सईद के आवास के बाहर 23 जून को हुए बम धमाके में 3 लोगों की मौत हो गई थी, वहीं 24 अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए थे।

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