Patna: मंत्री अशोक चौधरी की बढ़ सकती है मुश्किलें, मंत्री बनाये जाने फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती

0
106

बिहार सरकार के मंत्री और जेडीयू नेता अशोक चौधरी की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। दरअसल अशोक चौधरी को भवन निर्माण मंत्री के पद पर नियुक्ति को पटना हाईकोर्ट में चुनौती दी गई है। संतोष कुमार की ओर से दायर अर्जी पर मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति संजय करोल तथा न्यायमूर्ति एस कुमार की खंडपीठ ने आंशिक सुनवाई के बाद मामले पर अगली सुनवाई 19 जुलाई को करने का आदेश दिया है।

याचिकाकर्ता के वकील दीनू कुमार के मुताबिक एमएलसी अशोक चौधरी का टर्म समाप्त होने के बाद भी वे 6 मई 2020 से 5 नवंबर 2020 तक मंत्री पद पर बने रहे। उसके बाद किसी हाउस के सदस्य नहीं होने के बावजूद इन्हें 16 नवंबर 2020 को फिर से मंत्री पद का शपथ ग्रहण करा दिया गया। उसके बाद 17 मार्च को राज्यपाल ने अशोक चौधरी को विधान पार्षद के रूप में मनोनीत किया। उन्होंने भारतीय संविधान के अनुच्छेद 163 (1) तथा 164 (4) का हवाला देते हुए कहा कि मंत्री पद पर बने रहने के लिए किसी सदन का सदस्य होना अनिवार्य है। किसी भी सदन के सदस्य नहीं होने के बावजूद किसी को मंत्री बनाया जा सकता है लेकिन मंत्री को माह के अंदर किसी सदन का चुनाव जीत सदस्य बनना अनिवार्य है। भवन निर्माण मंत्री अशोक चौधरी किसी सदन का चुनाव लड़े ही नहीं। उन्हें मनोनीत किया गया है, ऐसे में वे पद पर बने रहने के लायक नहीं हैं।

इस मामले में हाईकोर्ट अगली सुनवाई 19 जुलाई को करेगा। याचिकाकर्ता की तरफ से दी गई दलील अगर सही पाई गई तो मंत्री अशोक चौधरी की मुसीबत बढ़ सकती है साथ ही साथ सरकार की भी फजीहत होगी। इस मामले पर फिलहाल मंत्री अशोक चौधरी की तरफ से कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.