औरंगाबाद: जेल में इलाज के दौरान कैदी की मौत, परिजनों व पब्लिक-पुलिस की झड़प में महिला पुलिस की गई जान

0
124

औरंगाबाद जिलें के दाउदनगर उपकारा में बंद विचाराधीन बंदी गोविंद मांझी की इलाज के दौरान मौत हो गयी। मिली जानकारी के अनुसार मृतक जहानाबाद जिले के परस बिगहा थाना क्षेत्र के सरता गांव का रहने वाला था। उसे परस बिगहा थाना कांड संख्या 120/21 में उत्पाद अधिनियम के तहत पुलिस द्वारा उसे गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था।

जेल अधीक्षक उदय कुमार ने बताया कि गोविंद मांझी 19 जुलाई को दाउदनगर उपकारा में लाया गया था। ऐसे में 22 जुलाई की सुबह अचानक उसकी तबीयत बिगड़ गयी, जिसके बाद जेल चिकित्सक द्वारा उसका इलाज किया गया। लेकिन रात होते-होते फिर उसकी तबीयत बिगड़ती गई, इसलिए उसे इलाज के लिये अनुमंडल अस्पताल दाउदनगर लाया गया। जहां रात्री करीब 1:40 बजे चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

वहीं इस घटना की जानकारी जैसे ही मृतक गोविंद मांझी के परिजनों को मिली, परिजनों ने जहानाबाद में NH 110 रोड को जाम कर दिया। परिजनों का कहना है कि उन्हें गोविंद मांझी की मौत का मुआवजा चाहिए। ऐसे में सड़क को खाली कराने गई पुलिस पर भी ग्रामीणों ने हमला कर दिया। प्रदर्शन कर रहे लोगों ने पुलिस पर रोड़े बाजी भी की।

उधर डीएसपी ने बताया कि रोड़े बाजी के दौरान कई पुलिसवाले घायल हो गए। वहीं भगदड़ में एक महिला सिपाही की साड़ी गाड़ी की चपेट में आ गई। जिससे वह निकल नहीं पाई और गाड़ी से कुचलकर उसकी मौत हो गई। महिला सिपाही खगड़िया जिला की रहने वाली थी। जिसका नाम कांति देवी है। इस घटना के बाद पुलिस की टीम उग्र भीड़ को नियंत्रित करने में जुटी हुई है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.