फारबिसगंज: दो सौतेले भाइयों ने रची थी मां की हत्या की साजिश, एक लाख में तय हुआ सौदा, जेल में बेगुनाह पति

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फारबिसगंज के खैरखां में 29 जून की रात कल्पना देवी की गला रेतकर हत्या की गई थी. इस मामले में जेल भेजा गया उसका पति जितेंद्र मंडल निर्दोष है. क्योंकि शनिवार को पुलिस ने घटना का खुलासा कर दिया है और हत्याकांड के पीछे की सच्चाई सामने आ गई है. दो सौतेले बेटों ने मां की हत्या के लिए एक लाख की सुपारी दी थी. इसके लिए उन्होंने 50 हजार का भुगतान भी कर दिया गया था.

फारबिसगंज एसडीपीओ रामपुकार सिंह के नेतृत्व में पुलिस ने सौतेले बेटे प्रकाश कुमार, शशिभूषण कुमार और दो सुपारी किलर कन्हैया कुमार मंडल और अखिलेश मंडल को सबूत के साथ गिरफ्तार किया है. सबकी गिरफ्तारी के साथ ही इस हत्याकांड से पर्दाफाश हो गया है.

एडवांस के रूप में दे चुके थे 50 हजार रुपये

घटना को अंजाम देने वाला कन्हैया कुमार मंडल अमहारा में निर्माणाधीन एक पेट्रोल पंप पर काम करता था और वहीं अखिलेश मंडल भी पेंटर का काम करता था. यहां सौतेले भाई प्रकाश और शशिभूषण दोनों कन्हैया के संपर्क में आए और हत्या की साजिश रची. हत्याकांड को अंजाम देने के लिए एक लाख में डील हुई जिसमें दोनों भाइयों ने बकायदा 50 हजार रुपये का पेमेंट भी कर दिया.

29 जून की रात कल्पना देवी की गला रेतकर हत्या करने के बाद शेष 50 हजार रुपये के लिए आनाकानी होने लगी और एकबार झंझट भी हो गया. इसके बाद अनुसंधान में लगी पुलिस ने सबको दबोच लिया. हत्याकांड के मामले में मृतका के परिजनों द्वारा आरोपित बनाए गए मृतका के पति जितेंद्र मंडल को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था.

जेल में बंद पति को छुड़ाने का होगा प्रयास

मामले में फारबिसगंज एसडीपीओ रामपुकार सिंह ने बताया कि परिजनों द्वारा तत्काल केस दर्ज कराए जाने के बाद पति जितेंद्र मंडल को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था. अनुसंधान में यह स्पष्ट है कि घटना को लेकर जेल में बंद मृतका का पति निर्दोष है. आरोपमुक्त और जेल से बाहर निकालने के लिए पुलिस प्रयास करेगी. चारों आरोपियों को स्पीडी ट्रायल के तहत सजा दिलाने का प्रयास किया जाएगा. एसडीपीओ रामपुकार सिंह ने बताया कि हत्याकांड के पीछे मूल कारण पांच बीघा जमीन के साथ दो ट्रैक्टर तैयार मक्का की बिक्री कर पैसा सौतेले बेटों को नहीं दिया जाना है.

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