बिहार में वैक्सीन की कमी से धीमी पड़ गई टीकाकरण की रफ्तार, 4 दिन में लगे सिर्फ 3 लाख टीके, टीकाकरण केंद्रों पर लटके ताले

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बिहार में छह महीने में छह करोड़ लोगों को टीका लगाने का महाभियान चल रहा है। 21 जून से शुरू इस महाभियान का लक्ष्य पाने के लिए राज्य को 12 करोड़ टीके की डोज की जरूरत है। मगर हालात यह है कि हर दिन टीकाकरण के लिए जिलों को टीका ही नहीं मिल पा रहा। यहां तक कि राजधानी पटना के भी तमाम केंद्रों पर वैक्सीन नहीं लग पा रही है। टीके की खेप मिलते ही जो ग्राफ ऊपर जाता है, वो अगले एकाध दिन में ही फिर नीचे आ जाता है। बीते चार दिनों में राज्यभर में सिर्फ तीन लाख ही टीके लग पाए हैं।

राज्य में टीकाकरण का महाभियान 16 जून से शुरू किया गया था। पहले दिन 7.29 लाख लोगों को टीका लगाया गया था। तब विभाग की ओर से पर्याप्त टीके की उपलब्धता के दावे किए गए थे। मगर राज्य को लक्ष्य पूरा करने के लिए नियमित टीके की आपूर्ति नहीं मिल पा रही है। ऐसे में टीकाकरण का ग्राफ लगातार ऊपर-नीचे हो रहा है। 

17 जुलाई को टीकाकरण का जो आंकड़ा 6.16 लाख तक पहुंच गया था, वो 21 जुलाई को 23 हजार पर आ गया। शुक्रवार को भी बिहार में टीके का संकट बरकरार रहा। रात आठ बजे तक कोविन पोर्टल पर जारी आंकड़ों के अनुसार राज्यभर में महज 520 केंद्रों पर 45964 लोगों का ही टीकाकरण हो सका। राज्य में 23 जुलाई की शाम तक दो करोड़ 17 लाख 07 हजार का टीकाकरण हुआ है। इसमें पहली डोज लेने वालों की संख्या एक करोड़ 83 लाख 80 हजार 774 है। जबकि दूसरी डोज सिर्फ 33 लाख 26 हजार 755 लोगों को ही लगी है। टीके की कमी के कारण दूसरी डोज लेने वालों को काफी दक्कत आ रही है। टीकाकरण केन्द्रों से उन्हें निराश होकर लौटना पड़ता है।

आठ जिलों में नहीं लगा एक भी टीका

शुक्रवार को आठ जिलों में एक भी टीका नहीं लगा जबकि पटना में भी न्यू गार्डिनर अस्पताल सहित तमाम केंद्रों पर टीकाकरण नहीं हुआ। जिन जिलों में टीकाकरण शून्य रहा उनमें मुंगेर, मधेपुरा, लखीसराय, शिवहर, शेखपुरा, गोपालगंज, सीतामढ़ी, बेगूसराय शामिल हैं। जबकि सहरसा में सिर्फ 07, बक्सर में 09, कटिहार में 10, किशनगंज में 70, मधुबनी में 71 लोगों को ही टीका लगा। पांच जिलों में 200 से कम टीके लगे। पांच जिलों में 500 से कम और नौ जिलों में 1000 से कम टीकाकरण हुआ। जिलों में टीकाकरण की यह स्थिति सिर्फ एकाध दिन की नहीं है, बल्कि रोज ही ऐसे हालात देखने को मिल रहे हैं।

टीकाकरण केंद्रों पर लटके ताले

टीका नहीं उपलब्ध होने के कारण पटना जिले में ज्यादातर टीकाकरण केद्र पर ताला लटक गया है। पटना जिले में 18 साल से अधिक उम्र के 43 लाख से अधिक लोगों को टीकाकरण करने का लक्ष्य रखा गया है। अभी तक 24 लाख से अधिक लोगों का टीकाकरण हुआ है। 20 लाख 59 हजार 649 ऐसे लोग हैं, जिनका टीकाकरण नहीं हुआ है। जिले में 18 लाख 53 हजार 257 लोग ऐसे हैं, जिन्हें दूसरा डोज दिया जाना है। इनमें 60 प्रतिशत से अधिक ऐसे लोग हैं, जिनके दूसरे डोज की अवधि पूरी हो गई है। ऐसे लोग अधिक परेशान हो रहे हैं। टीके की उपलब्धता नहीं होने के चलते ज्यादातर केंद्र बंद रहते हैं। ग्रामीण इलाके में अधिक परेशानी हो रही है।

टीकाकरण में सूबे पर प्रथम स्थान पर है पटना

वैसे तो टीकाकरण में प्रदेश में सबसे पहले नंबर पर पटना जिला है। प्रदेश में कोई भी जिला ऐसा नहीं है, जहां 24 लाख से अधिक लोगों को टीकाकरण किया जा चुका है। पटना देश में उन 10 प्रमुख शहरों में शामिल है, जहां सबसे अधिक टीकाकरण हुआ है। पटना जिले में जितने टीकाकरण केंद्र संचालित हो रहे हैं, उसके मुताबिक यहां प्रतिदिन 50 हजार से अधिक लोगों को टीका दिया जा सकता है। जुलाई में दो बार 50 हजार से अधिक लोगों को टीका लगाया गया। 

पटना जिले में 16 जनवरी को हुई थी शुरुआत

पटना जिले में कोरोना वायरस से बचाव के लिए टीकाकरण की शुरुआत 16 जनवरी को हुई थी।  हालांकि लोगों को टीकाकरण को लेकर इतनी जागरूकता नहीं थी, जितनी आजकल है। फरवरी माह तक टीकाकरण की रफ्तार काफी धीमी थी। जैसे ही मार्च महीने के अंत में कोरोना की दूसरी लहर का प्रकोप हुआ। लोगों में टीकाकरण के प्रति जागरूकता आ गई और अप्रैल माह में टीके की मांग भी बढ़ने लगी। शुरुआती दौर में पटना जिले में 20 जगहों पर ही टीकाकरण की व्यवस्था की गई थी। वर्तमान में पटना जिले में 163 टीकाकरण केंद्र संचालित हो रहे हैं। अभी टीके की कमी के कारण प्रतिदिन 20 से लेकर 40 सेंटर ही नियमित संचालित हो रहे हैं। 

लाइफलाइन बने 24 घंटे संचालित होने वाले केंद्र

डीएम डॉ. चंद्रशेखर सिंह के निर्देश पर आठ जून 2021 को पाटलिपुत्र स्पोर्ट्स स्टेडियम और होटल पाटलिपुत्र अशोक में 24 घंटे टीकाकरण केंद्र का शुभारंभ किया गया। इन टीकाकरण केंद्रों के परिणाम इतने अच्छे निकले की एक दिन में तीन हजार तक लोगों को टीका लगाया गया। 14 जून को राजकीय पॉलिटेक्निक कॉलेज में भी 24 घंटे संचालित होने वाले केंद्र का शुभारंभ किया गया। वर्तमान समय तीनों केंद्रों पर अब तक दो लाख 15 हजार लोगों को टीका लगाया जा चुका है। इनमें सबसे अधिक 18 से 44 आयुवर्ग से लोग हैं। यह तीनों केंद्र लोगों के लिए लाइफलाइन बने हुए हैं।

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