आरा: अवैध बालू खनन रोकने के लिए पुलिस ने निकाली अनूठी तरकीब, कोईलवर पुल के नीचे नावों से ही बना दिया बैरियर

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सोन में लगातार छापेमारी के बावजूद बालू के अवैध खनन के लिए देर शाम से अहले सुबह तक नावों के अंधाधुंध परिचालन को देख प्रशासन ने नई तरकीब निकाली है। दसवें पाये के रास्ते को ही अवरुद्ध कर दिया। कोईलवर के पुराने पुल के दस नंबर पाये में सबसे गहरा होने के कारण ज्यादातर नावें इसी रास्ते जाती हैं। गुरुवार को प्रशासन ने जब्त सात नावों को दस नंबर पाये के पास लाया और पुल के बीचोंबीच कुछ हिस्सा डुबोकर अवरोधक दिया। मछुआरों ने बताया कि पुल के बाकी हिस्सों में कम गहराई होने के कारण बालू लदी नावों के निकलने में खतरा है। नावों के नीचे लगी प्रोपेलर व पंखी तल में किसी अवरोधक से टक्कर खाकर टूट सकती है और नाव डूब सकती है।

वहीं दूसरी ओर रोक के बाद भी नावों से बालू के अवैध खनन को रोकने के लिए सोन नदी में गुरुवार को एक बार फिर भोजपुर पुलिस-प्रशासन ने छापेमारी अभियान चलाया।  इस दौरान छह नावें जब्त की गयीं तो 34 धंधेबाज व मजदूरों को गिरफ्तार किया गया। एसडीओ वैभव श्रीवास्तव व एसडीपीओ विनोद कुमार के नेतृत्व में पुलिस बल अहले सुबह सोन में उतर गई और पूरे दिन छापेमारी करती रही। चांदी, बड़हरा, कोईलवर, सिन्हा, धोबहा थानों की पुलिस के साथ जिले से आया पुलिस बल भी छापेमारी में शामिल रहा। कोईलवर से लेकर बिंदगावां तक छापेमारी अभियान चलाया गया। इस मामले में खनन निरीक्षक श्यामा नंद ठाकुर ने कोईलवर थाने में मामला दर्ज कराया है।

एक दिन पूर्व डीएम, एसपी व एसडीओ ने लिया था जायजा

एक दिन पूर्व बुधवार को डीएम, एसपी, एसडीएम व एसडीपीओ के बिंदगावां से कोईलवर की नौका से यात्रा से ही नावों को रोके जाने की तरकीब के कयास लगाए जाने लगे थे। प्रशासन ऐसी तरकीब सोच रहा था, जिसमें जान-माल की क्षति न हो और नावों का अवैध परिचालन भी रुक सके। नतीजतन गुरुवार की रात आठ बजे तक एक भी नाव कोईलवर पुल के पार जाती नहीं दिखी। एसडीपीओ विनोद कुमार ने बताया कि सोन में बालू खनन को रोकने को भोजपुर प्रशासन तत्पर है और इस मामले में आगे भी लगातार कार्रवाई जारी रहेगी।  

रात आठ बजे सोन में मची अफरातफरी

दस नंबर पाये में अवरोध की सूचना मिलते ही नावों की भारी भीड़ सुरौंधा के आसपास रुकी रही। बाद में प्रशासन के हटने की सूचना मिलते ही नावों ने रास्ता बदल दूसरे पाये की ओर से जाना शुरू किया। कुछ नावें पुल के उस पार चली भी गयीं कि एकएक चकाचौंध भरी टॉर्च नावों की ओर आने लगी। पुलिस के रात में भी सक्रिय होने को भांप नावें वापस होने लगीं और सैकड़ों नावें भागती नजर आईं। इस दौरान सोन में अफरातफरी का नजारा रहा। हालांकि अभी यह देखना शेष है कि पुलिस व प्रशासन की सक्रियता से अवैध धंधे पर रोक लग पाता है या नहीं।

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