पटना कॉलेज: 62.80 लाख रुपये की निकासी मामले में बड़ी कार्रवाई, प्रिसिंपल हटाए गए, अकाउंटेंट सस्पेंड

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पटना कॉलेज के खाते से 62.80 लाख रुपये की निकासी मामले में बड़ी कार्रवाई की गई है। पटना विश्वविद्यालय प्रशासन ने पटना कॉलेज के प्राचार्य डॉ. अशोक कुमार को पद से हटा दिया है। इन्हें संस्कृत विभाग में वापस भेज दिया गया है।

विश्वविद्यालय की ओर से पहले कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था। प्राचार्य का जबाव संतोषप्रद नहीं पाए जाने पर कार्रवाई की गई है। इसके अलावा कॉलेज के एकाउंटेंट कम हेड असिस्टेंट एस अली अब्बास को निलंबित कर दिया गया है। इन्हें निलंबन के दौरान पटना साइंस कॉलेज में हाजिरी बनाने का निर्देश दिया गया है। एकाउंटेंट पर आरोप है कि खाता अपडेट करने के बाद भी निकासी की जानकारी नहीं दी।

खाते से निकासी मामले की जांच तीन सदस्यीय टीम कर रही है। टीम की रिपोर्ट के बाद दोषी माने जा रहे लोगों के खिलाफ आगे की कार्रवाई की जाएगी। जांच टीम में बीएन कॉलेज के प्राचार्य डॉ. राजकिशोर प्रसाद, विश्वविद्यालय के फाइनेंस ऑफिसर और फाइनेंस एडवाइजर शामिल हैं। 

अनजान बना रहा कॉलेज प्रशासन

आरोप है कि पटना कॉलेज के इंडियन बैंक खाता संख्या (20245274757) से 29 अप्रैल को राशि की निकासी की गई थी। इसके बाद मई में पासबुक को अपडेट कराया गया। जब पासबुक अपडेट कराया गया, तभी इतनी राशि की निकासी का पता चल जाना चाहिए था लेकिन लापरवाह कॉलेज प्रशासन को इसकी भनक नहीं लगी। एकाउंटेंट ने एक बार भी निकासी की जानकारी नहीं दी। ऐसी स्थिति में शक की सूई एकाउंटेंट पर जा रही है।

कई कर्मी निशाने पर
खाता अपडेट के बाद भी लगातार चेक काटने के चलते जांच टीम के निशाने पर कई कर्मी शामिल हैं। जांच टीम ने कॉलेज के बरसर डॉ. मो नाजीम को जांच की जद में रखा है। जांच टीम अगर इन्हें दोषी पाती है तो इन पर भी कार्रवाई की जाएगी। इसकी अधिसूचना जारी कर विवि प्रशासन ने सभी संकायध्यक्ष, विभागाध्यक्ष, प्राचार्य सहित सभी पदाधिकारियों को भेज दिया है।

चेक बाउंस करने पर पता चला

62.80 लाख रुपये की निकासी के बाद खाते में तीन लाख रुपये की राशि बची हुई थी। कॉलेज प्रशासन की ओर से लगातार चेक काटा जाता रहा। जब 17 जुलाई को एक गेस्ट फैकल्टी का 16 हजार रुपये का चेक बाउंस कर गया तो मामला प्रकाश में आया।

नए प्राचार्य बने डॉ. रघुनंदन शर्मा

पटना विश्वविद्यालय प्रशासन ने पटना कॉलेज के प्राचार्य डॉ. अशोक कुमार को हटा दिया है। इनकी जगह पर विश्वविद्यालय ने समाजशास्त्र विभाग के वरीय शिक्षक डॉ. रघुनंदन शर्मा को कॉलेज का प्रभार सौंपा है। पटना कॉलेज से 62.80 लाख निकासी में इनकी लापरवही सामने आई है। पूरे कोरोना काल के दौरान किसी तरह की जांच नहीं की गई। इधर गुरुवार को कॉलेज के प्राचार्य और अकाउंटेंट पर हुई कार्रवाई की चर्चा दिनभर कॉलेज और विश्वविद्यालय में होती रही। इस निकासी के बाद कॉलेज में हंगामा मच गया था।

पटना कॉलेज एकाउंट से इतनी बड़ी राशि निकल जाती है और कॉलेज प्रशासन को कुछ पता भी नहीं रहता है। इसके बाद भी लगातार चेक काटा जाता रहा। तीन महीने बाद जब चेक बाउंस होता है तो कॉलेज की नींद खुलती है। यह एक तरह से घोर प्रशासनिक लापरवाही का मामला बनता है। विश्वविद्यालय की जांच टीम ने हर स्तर पर जांच कर कार्रवाई की है।

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