जानिए गैंगस्टर काला जठेड़ी की गिरफ्तारी की पूरी कहानी, दिल्ली पुलिस ने चलाया था ऑपरेशन D-24

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एक टारगेट जिसकी तलाश में थे 30 पुलिस वाले… 8 राज्यों में उस टारगेट की तलाश की जा रही थी. करीब 10 हजार किलोमीटर का लंबा सफर तय करने के बाद तलाश पूरी हुई उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में और अब गिरफ्त में है 7 लाख का इनामी कुख्यात बदमाश काला जठेड़ी. जिसकी तलाश दिल्ली पुलिस को काफी लंबे समय से थी, सिर्फ काला ही पुलिस के हत्थे नहीं आया बल्कि उसकी एक महिला मित्र लेडी डॉन अनुराधा चौधरी उर्फ रिवॉल्वर रानी को पकड़ने में पुलिस को कामयाबी मिली.

दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल की काउंटर इंटेलिजेंस यूनिट ने एक बड़े ऑपरेशन में वांटेड क्रिमिनल संदीप उर्फ काला जठेड़ी और उसकी एक सहयोगी और वांटेड क्रिमिनल अनुराधा चौधरी को गिरफ्तार किया है. डीसीपी मनीषी चंद्रा ने बताया कि हमारे लगभग 30 ऑफिसर पिछले 15 दिन से लगातार सड़कों पर थे और 10000 किलोमीटर से ज्यादा पीछा किया गया है. कल दोपहर में इसको सहारनपुर के पास एक ढाबे के पास से पकड़ा गया. जब तक यह पकड़ा नहीं गया था तब तक इसका कोई भी पॉजिटिव आईडेंटिफायर, जिसको हम लोग आमतौर पर कहते हैं कि मोबाइल नंबर या आईएमइआई, कोई भी टेक्निकल आईडेंटिफायर टीम के पास नहीं था.

ये था ऑपरेशन का नाम

काला जठेड़ी को पकड़ने के लिए स्पेशल सेल की टीम ने इस ऑपरेशन को नाम दिया था OP D-24. ये नाम इसीलिए रखा गया था क्योंकि काला जठेड़ी स्पेशल सेल से 24 घंटे आगे चल रहा था. वक्त से तेज दौड़ने के लिए स्पेशल सेल इसी कोड के जरिए एक दूसरे के संपर्क में थी. जैसे-जैसे घंटे कम होते वैसे-वैसे काला के करीब पहुंच रही थी पुलिस. इसीलिए समय-समय पर कोड D/20/16/12 यानी घंटो के हिसाब से ऑपरेशन के लीड कर एक दूसरे से संपर्क बनाया जा रहा था.

डीसीपी स्पेशल सेल मनीषी चंद्रा ने बताया कि करीब 6 महीने से गैंगस्टर काला जठेड़ी की तलाश की जा रही थी. इन 15 दिनों के दरमियान पुलिस को काला जठेड़ी का सुराग मिला. तब पुलिस ने 30 लोगों की एक टीम बनाई. इस टीम ने 8 राज्यों में 10 हजार किलोमीटर का सफर तय किया. गोवा, अहमदाबाद, सूरत, राजकोट, भिंड, रतलाम, पूरी, पूर्णिया, लखनऊ, पटियाला, हरिद्वार और सहारनपुर और आखिरकार सहारनपुर के पास हाईवे पर एक ढाबे से काला को गिरफ्तार कर लिया गया.

स्पेशल सेल की टीम को काला जठेड़ी के पास से उसकी एक चाइनीज फेवरेट पिस्टल बरामद हुई है. इतना ही नहीं, लेडी डॉन अनुराधा चौधरी के पास से पुलिस को प्लाइंट 38 बोर की एक लाइसेंसी रिवॉल्वर मिली है, जो किसी और के नाम पर है. पुलिस पता लगा रही है कि यह रिवॉल्वर अनुराधा के पास कहां से आई. दोनों को गिरफ्तार करने के बाद स्पेशल सेल की टीम ने काला जठेड़ी और अनुराधा को कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें 14 दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है. 

स्पेशल सेल की माने तो कुख्यात अपराधी काला जठेड़ी पर दिल्ली में 15 मुकदमे दर्ज हैं. दिल्ली के बाहर दूसरे राज्यों में 25 से ज्यादा मामले दर्ज हैं. पुलिस के मुताबिक सबसे पहले काला जठेड़ी साल 2012 में गिरफ्तार हुआ था. तब उसके ऊपर 34 मामले दर्ज थे. इतना ही नहीं, साल 2020 में वह फरीदाबाद पुलिस की कस्टडी से फरार हो गया था.

स्पेशल सेल की डीसीपी मनीषी चंद्रा की मानें तो काला जठेड़ी ने अपने गुर्गों के जरिए फैला रखी थी कि वह विदेश से ऑपरेट कर रहा है. ऐसा सिर्फ पुलिस को गुमराह करने के लिए किया गया था लेकिन वह भारत छोड़कर कहीं नहीं गया था. पुलिस के मुताबिक काला जठेड़ी की गैंग में 150 से ज्यादा शूटर है. इतना ही नहीं, इसका नेटवर्क विदेशों में भी फैला हुआ है. विदेश में बैठे काला राणा जोकि बैंकॉक से ऑपरेट करता है. गोल्डी बरार जो कि कैनेडा में बैठा है. इसके अलावा मोंटी जोकि UK से ऑपरेट करता है, लगातार इसके संपर्क में है. ये भी सभी बड़े गैंगस्टर है.

अनुराधा चौधरी ऐसे आई साथ

अब आपको बताते हैं कि लेडी डॉन अनुराधा चौधरी उर्फ रिवॉल्वर रानी कैसे काला काला जठेड़ी के साथ आई. दरअसल, लेडी डॉन अनुराधा चौधरी पहले राजस्थान के कुख्यात अपराधी आनंदपाल के साथ थी लेकिन आनंदपाल के एनकाउंटर में मारे जाने के बाद वह लॉरेंस बिश्नोई के साथ जुड़ गई. लॉरेंस बिश्नोई और काला जठेड़ी दोनों एक साथ मिलकर काम करते थे. लॉरेंस बिश्नोई की गिरफ्तारी के बाद अनुराधा काला के गैंग में शामिल हो गई.

पुलिस के मुताबिक काला जठेड़ी और अनुराधा दोनों लोकेशन तो लगातार बदल रहे थे. साथ ही साथ जहां भी रुकते थे वहां पर पति-पत्नी की तरह रुकते थे ताकि इन पर किसी को शक ना हो. इतना ही नहीं, लगातार यह अपनी गाड़ियां भी बदल रहे थे. अब यह दोनों 14 दिन की पुलिस रिमांड पर है. रिमांड के दौरान पुलिस अब इनके अपराधिक इतिहास को खंगालने में जुटी है.

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