बिहार की कई नदियों में उफान, नालंदा व गया में तटबंध टूटे, कई जिलों में खेत डूबे, सड़कों पर 3 से 4 फीट तक पानी

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लगातार बारिश के बाद बिहार के जिलों में नदियों का जलस्तर काफी बढ़ गया है। बाढ़ के पानी में कई इलाके जलमग्न हो गए हैं। नालंदा में लोकाइन नदी का चार स्थानों पर तटबंध टूट जाने से कई गांवों में पानी फैल गया है जबकि जहानाबाद में फल्गु, मोरहर, दरधा और बलदईया नदी में उफान के कारण निचले इलाकों में पानी भर गया है। बिहारशरीफ से जहानाबाद का दूसरे दिन भी संपर्क टूटा रहा । रोहतास में भी सोन का जलस्तर बढ़ने से कई गांव पानी की चपेट में आ गए हैं। हाजीपुर से मिली सूचना के अनुसार हावड़ा और कोलकाता में भीषण जलजमाव के कारण ट्रेनों के परिचालन पर बुरा असर पड़ा है और कई ट्रेनों का परिचालन रद्द कर दिया गया है।

नालंदा में लोकाइन नदी ने रौद्र रूप ले लिया है। करायपरसुराय में एक तो हिलसा में चार जगहों पर नदी का तटबंध टूट गये हैं। एकंगरसराय में राढ़ील छिलका के ऊपर से पानी का तेज बहाव हो रहा है। चार गांवों में बाढ़ का पानी घुस गया है। करीब 39 गांवों के खेत जलमग्न हो गये हैं। इधर, निचले इलाके व रहुई में पंचाने तबाही मचा रही है। सलेमपुर के रविदास टोला के घरों में पानी का घुस गया है। बाढ़ से प्रभावित कई परिवार सड़क पर तम्बू गाड़ बसेरा बनाये हुए हैं।जिराइन, सकरी व पंचाने नदियों के जलस्तर में इजाफा होने से रहुई, अस्थावां और बिंद प्रखंडों के इलाकों में भी बाढ़ की आशंका बढ़ती जा रही है।

गया में सोलहदाम पईन का तटबंध कई जगहों पर टूटने की वजह से पानी सड़क और खेतों में घुस गया है। भैरवा में भी धान का पौधा पानी में डूब गया है। केसपा आंगनबाड़ी केंद्र में भी पानी घुस गया है। टिकारी-केसपा सड़क से बरसीम्मा तक गई सड़क पर दो फीट तक पानी का प्रवाह हो रहा है। दशकों से गया, जहानाबाद और अरवल जिला के लिए अभिशाप साबित होने वाली सोलहदाम पईन फिर से तबाही मचा रही है। जहानाबाद के होरिलगंज, शक्ति नगर और अंबेडकर नगर के निचले हिस्से में दरधा नदी का पानी प्रवेश कर गया है। जाफरगंज और श्यामनगर पुलिया के डूब जाने से पूर्वी क्षेत्र में शहरवासियों की आवाजाही प्रभावित हो गई है। थाना रोड में दरधा नदी पर बने फुट ओवरब्रिज पर पानी चढ़ने से लोगों की परेशानी बढ़ गई है।

रोहतास में बारिश से नदिया उफना गईं है जिसके चलते कई गांवों में पानी घुस गया है। सैकड़ों एकड़ खेत जलमग्न हो गए हैं।  इधर, सोन नद का जलस्तर रविवार की सुबह तक साढ़े तीन लाख क्यूसेक पार कर चुका है। कैमूर में भी दो-तीन दिनों से हो रही झमाझम बारिश के कारण पहाड़ी नदियां उफना गई हैं। दुर्गावती, कर्मनाशा, कुकुरनहिया, सुअरा नदियों का पानी फैलने के कारण आसपास के गांवों में धान की फसल डूब गई है। बारिश के साथ चल रही तेज हवा के कारण एक-दो दिन पहले खेतों में रोपे गए धान के पौधे भी उखड़ गए हैं, जिससे किसानों को नुकासान हुआ है। 

उधर, पूर्व मध्य रेलवे के हावड़ा और कोलकाता में भीषण बारिश के बाद हुए जलजमाव के कारण काठगोदाम हावड़ा समेत 05 जोड़ी ट्रेनों का परिचालन रद्द कर दिया गया है। ये ट्रेनें 01 और 02 अगस्त को अपने गंतव्य से खुलकर पूर्व मध्य रेल के विभिन्न स्टेशनों से गुजरने वाली हैं।

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