मानसून सत्र: बिहार के इन 5 जिलों में पाइप से होगी रसोई गैस की आपूर्ति, पटना में अब तक साढ़े 31 हजार कनेक्शन लगे

0
76

केंद्र सरकार ने पटना के बाद बिहार के 5 औऱ शहरों में पाइप लाइन के जरिये रसोई गैस की आपूर्ति करने का फैसला लिया है. संसद में आज केंद्र सरकार ने ये जानकारी दी है. केंद्र सरकार के मुताबिक पटना में पाइप लाइन के जरिये रसोई गैस की आपूर्ति का काम चल रहा है औऱ अब तक 31 हजार 624 कनेक्शन दिये जा चुके हैं. बीजेपी सांसद सुशील मोदी के एक सवाल के जवाब में केंद्रीय पेट्रोलियम राज्य मंत्री रामेश्वर तेली ने ये जानकारी दी है.

दरअसल सुशील मोदी ने सवाल पूछा था कि केंद्र सरकार ने पटना में पांच साल में 50 हजार घरों तक पाइप लाइन के जरिये गैस पहुंचाने का लक्ष्य रखा था. लेकिन ये काम बहुत धीमी गति से हो रहा है और सिर्फ 1977 घरों तक ही पाइप लाइन से गैस पहुंचाया गया है. सुशील मोदी ने पूछा था कि केंद्र सरकार ने इसके लिए कितने पैसे उपलब्ध कराये हैं और कब तक 50 हजार घरों तक पाइपलाइन से गैस मिलने लगेगी. मोदी ने ये भी पूछा था कि क्या केंद्र सरकार बिहार के दूसरे जिलों में भी पाइप लाइन से गैस उपलब्ध कराने पर विचार कर रही है.

पटना में 31 हजार 624 कनेक्शन दिये गये
सुशील मोदी के सवाल का जवाब देते हुए केंद्रीय पेट्रोलियम राज्य मंत्री रामेश्वर तेली ने बताया कि पटना में घरों तक पाइन लाइन के जरिये गैस पहुंचाने का काम गेल (GAIL) को सौंपा गया था. 395 करोड़ रूपये की इस योजना में 270 करोड़ रूपये खर्च किये जा चुके हैं. गेल ने पटना में 31 हजार 624 घरों तक पाइप लाइन कनेक्शन दे दिया है. केंद्रीय मंत्री ने बताया कि गेल को ये काम मार्च 2018 में दिया गया था औऱ उसे काम पूरा करने के लिए 5 साल का समय दिया गया था. लेकिन 31 जुलाई 2021 तक ही साढ़े 31 हजार से ज्यादा कनेक्शन दिये जा चुके हैं.

बिहार के पांच नये जिलों में मिलेगी पाइप से गैस
सुशील मोदी के सवाल के जवाब में केंद्रीय पेट्रोलियम राज्य मंत्री ने बताया कि बिहार के पांच नये जिलों में सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क तैयार करने पर विचार किया जा रहा है. केंद्र सरकार ने बिहार के दरभंगा, मधुबनी, सुपौल, गोपालगंज औऱ सिवान जिलों को उस सूची में रखा है जहां पाइप लाइन के जरिये गैस उपलब्ध कराने पर विचार किया जा रहा है. इसके लिए बिडिंग जल्द ही की जायेगी.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.