राजधानी पटना पर बाढ़ संकट गहराया, ग्रामीण इलाकों में घुसा पानी अब शहर पर खतरा

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राजधानी पटना पर बाढ़ का संकट धीरे-धीरे गहराता जा रहा है। पटना के ग्रामीण इलाकों में बाढ़ का पानी घुस चुका है और अब पटना शहर पर बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है। पटना में गंगा और पुनपुन नदियां खतरे के निशान से लगातार ऊपर बह रही हैं। आज भी गंगा के जलस्तर में वृद्धि हुई है। गंगा नदी पटना के गांधी घाट पर खतरे के निशान से 34 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है। बात पुनपुन नदी की करें तो इसका जलस्तर भी पिछले 24 घंटे में लगातार बढ़ा है और यह खतरे के निशान से लगभग 156 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है। पटना के श्रीपालपुर में पुनपुन का जलस्तर खतरे के निशान से 193 सेंटीमीटर ऊपर जा पहुंचा है। पुनपुन में उफान की वजह से सुरक्षा बांध में दरार आ रही है जिसके बाद पटना के एक इलाके पर बाढ़ का खतरा पैदा हो गया है।

पुनपुन का सुरक्षा बांध अगर टूटता है तो पटना बाईपास के दक्षिणी इलाके में बाढ़ का पानी पहुंच सकता है। बाढ़ के खतरे को देखते हुए पटना जिला प्रशासन अलर्ट मोड में है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मंगलवार को ही अधिकारियों के साथ बाढ़ के खतरे पर समीक्षा बैठक की थी और बाढ़ से बचाव के लिए राजधानी में सभी तरह के सुरक्षात्मक कदम उठाने का निर्देश दिया था। पुनपुन नदी खतरे के निशान से लगभग 2 मीटर ऊपर बह रही है। दारधा नदी और पुनपुन नदी से ग्रामीण इलाके में बाढ़ के हालात बिगड़ गए हैं। सुरक्षा बांध को बचाने के लिए सैंड बैग डालने का काम शुरू किया जा चुका है। मसौढ़ी और धनरूआ में सुरक्षा बांध पर निगरानी बढ़ा दी गई है। जिला प्रशासन जल संसाधन विभाग की टीम के साथ मिलकर लगातार बांधों की मरम्मती में जुटा हुआ है। 

केंद्रीय जल आयोग में जो ताजा आंकड़े जारी किए हैं उसके मुताबिक पटना में गंगा, पुनपुन, फल्गु और दारधा नदी के जल स्तर में वृद्धि जारी है। मसौढ़ी समेत धनरूआ, संपतचक, फतुहा, खुसरूपुर, बख्तियारपुर के टाल और दियारा वाले इलाकों में बाढ़ का पानी चल रहा है। गंगा नदी पटना के गांधी घाट पर खतरे के निशान से 34 सेंटीमीटर ऊपर बह रही हैं जबकि हाथीदेह घाट में गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से 29 सेंटीमीटर ऊपर है। राहत की बात यह है कि फिलहाल सोन नदी के जल स्तर में इजाफा नहीं हो रहा है। सोन नदी का जलस्तर स्थिर है।

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