पटना: अपने जवानों को शरीर ही नहीं दिमाग से भी मजबूत बनाएगी बिहार पुलिस, शुरू हुई ट्रेनिंग, जानें इस बार क्या है खास

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बिहार पुलिस अपने जवानों को न सिर्फ शरीरिक तौर पर मजबूत बनाने पर जोर दे रही है, बल्कि उन्हें दिमागी रूप से भी तंदुरुस्त रखने की कवायद में जुट गई है। बिहार पुलिस में सिपाहियों को दिए जानेवाले प्रशिक्षण में पहली बार ‘योग’ का पाठ्यक्रम शामिल किया गया है। इसका मकसद शारीरिक दमखम को बढ़ाने के साथ मानसिक तौर पर भी जवानों को मजबूत करना है।

पीटी परेड के अलावा योग भी करेंगे

बिहार पुलिस में बड़े पैमाने पर सिपाहियों की भर्ती की गई है। इनका प्रशिक्षण भी शुरू कर दिया गया है। प्रशिक्षण के लिए नया पाठ्यक्रम तैयार किया गया है जिसमे पीटी और परेड के अलावा पहली बार योग को भी शामिल किया गया है। यानी जवान पीटी-परेड और दौड़-कूद के अलावा योग भी करेंगे। यह आउटडोर प्रशिक्षण का हिस्सा होगा। बिहार पुलिस के मानव संसाधन विकास एवं प्रशिक्षण विभाग ने नए पाठ्यक्रम के अनुसार सिपाहियों की बुनियादी ट्रेनिंग भी प्रारंभ कर दी है। 

नए हथियार चलाने का प्रशिक्षण भी

जवानों को प्रशिक्षण के दौरान कई तरह के हथियार चलाना सिखाया जाता है। इसमें पिस्टल-रिवाल्वर के अलावा इंसास, एसएलआर, एके 47 और एलएमजी जैसे हथियार शामिल होते हैं। पर इनसे इतर ऐसे हथियारों का भी प्रशिक्षण भी दिया जाएगा जो अबतक बुनियादी प्रशिक्षण के दौरान नहीं दिए जाते थे। इसमें अमोघ, घातक जैसे अत्याधुनिक हथियार शामिल होंगे।

साइबर क्राइम व मद्यनिषेध कानून भी बताए जाएंगे

जवानों को ट्रेनिंग के दौरान माइनर और मेजर एक्ट के साथ ही विशेष कानून से भी वाकिफ कराया जाएगा। साइबर एक्ट के साथ उन्हें राज्य सरकार के बिहार मद्यनिषेध एवं उत्पाद अधिनियम के विभिन्न धाराओं से भी वाकिफ कराया जाएगा। इसके अलावा जेंडर सेंसेटाइजेशन को लेकर बनाए गए कानून की बारीकियां भी बताई जाएंगी। 

24 सेंटरों पर 12695 सिपाहियों की ट्रेनिंग

बिहार पुलिस के 11 हजार से अधिक नवनियुक्त सिपाहियों के साथ ही कुल 12695 जवानों का बुनियादा प्रिाक्षण 9 अगस्त से शुरू किया गया है। ये ट्रेनिंग राज्य के 24 सेंटरों पर दी जा रही है। इन जवानों को नए पाठ्यक्रम के हिसाब से ही प्रशिक्षण दिए जा रहे हैं। 

डीजी ट्रेनिंग आलोक राज ने कहा, ‘ट्रेनिंग में जवानों की शारीरिक मजबूती और दीमागी तंदुरुस्ती पर जोर दिया जा रहा है। इसी को ध्यान में रखकर नया पाठ्यक्रम तैयार किया गया है। इसके अलावा नए कानूनों से भी जवानों को वाकिफ कराया जाएगा ताकि पुलिसिंग के तमाम पहलुओं से वह वाकिफ रहें।’

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