घुटने लगा था दम…’, सुरक्षा अधिकारियों ने की सांसदों की शिकायत, बताया राज्यसभा में क्या हुआ था उनके साथ

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बुधवार को राज्यसभा में हुए हंगामे के बाद विवाद थमता नजर नहीं आ रहा है। अब सदन में तैनात एक महिला सुरक्षाकर्मी ने अपनी शिकायत राज्यसभा सचिवालय तक पहुंचाई है। महिला सुरक्षाकर्मी अक्षिता भट्ट ने आरोप लगाया है कि दो महिला सांसदों ने उन्हें बांह पकड़कर वहां घसीटा था। सदन में सुरक्षा सहायक-ग्रेड 2 के पद पर तैनात अक्षिता भट्ट ने संसद के सुरक्षा निदेशक को अपनी लिखित शिकायत भेजी है। इस शिकायत में महिला सुरक्षाकर्मी ने कहा है कि ‘दोनों महिला सांसदों ने बांह पकड़कर मुझे घसीटा। दोनों सांसद अपने पुरुष साथियों की मदद करना चाहती थीं ताकि वो सुरक्षा घेरे को तोड़ सकें।’

अपनी शिकायत में अक्षिता ने लिखा है कि ‘कुछ पुरुष सांसद प्रदर्शन में शामिल थे। वो सब मेरी तरफ बढ़े और उन्होंने सुरक्षा घेरा तोड़ने की कोशिश की। जब मैंने उन्हें रोकने की कोशिश की तब सांसद छाया वर्मा और फुलो देवी नेताम आगे आईं और उन्होंने अपने पुरुष सहयोगियों के लिए रास्ता बनाया ताकि वो सुरक्षा घेरे को तोड़ सकें और टेबल तक पहुंच सकें।’

इस हंगामे के दौरान वहां मौजूद एक अन्य सुरक्षा सहायक राकेश नेगी ने अपनी शिकायत में कहा है कि ‘सदन में हंगामे के दौरान एलमारन करीम ने मेरी गर्दन पकड़ी और मुझे घसीटने लगे ताकि वो मुझे सुरक्षा घेरा बनाने से रोक सकें। इस दौरान मेरी गर्दन चॉक हो गई और मुझे घुटन होने लगी।’ राकेश नेगी ने अपनी शिकायत में कहा है कि ‘बुधवार को मेरी ड्यूटी राज्यसभा के अंदर बतौर मार्शल लगी हुई थी। सांसद एलमाराम करीम और अनिल देसाई ने मार्शलों के द्वारा बनाए गए सुरक्षा घेरे को तोड़ने की कोशिश की।’

आपको बता दें कि बुधवार को राज्यसभा में विपक्षी सांसदों ने जमकर हंगामा किया था। अब इस हंगामे का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है। इस फुटेज में नजर आ रहा है कि कुछ सांसद मार्शलों का रास्ता रोक रहे हैं। थोड़ी देर बाद सांसदों की मार्शलों के साथ धक्का-मुक्की शुरू हो गई। इस दिन विवादास्पद सामान्य बीमा व्यवसाय (राष्ट्रीयकरण) संशोधन विधेयक, 2021 को राज्यसभा में हंगामे के बीच पारित किया गया, जबकि विपक्ष विधेयक को एक प्रवर समिति को भेजने की मांग कर रहा था। इसी दौरान हंगामा शुरू हुआ। जब सरकार ने हंगामे के बीच बिल पर चर्चा के लिए दबाव डाला, तो सीपीआई सांसद बिनॉय विश्वम ने रिपोर्टर की मेज पर चढ़ने की कोशिश की, जिसके बाद सदन को तुरंत स्थगित कर दिया गया।

संसद में हुए हंगामे पर अब वार-पलटवार जारी है। विपक्षी पार्टियों का आरोप है कि राज्यसभा में सांसदों की पिटाई हुई तो सत्ता पक्ष का कहना है कि विपक्ष ने तोड़फोड़ और बदसलूकी की। विपक्ष ने महिला सांसदों से धक्कामुक्की का आरोप लगाया है तो सत्ता पक्ष का कहना है कि विपक्षी सांसदों ने मार्शलों से हाथापाई की कोशिश की। विपक्ष ने आरोप लगाया कि वो संसद में सुरक्षित नहीं थे जिसे सत्ता पक्ष ने झूठा आरोप बताया।

विपक्ष का कहना है कि सरकार ने संसद नहीं चलने दी इस पर सरकार का कहना है कि विपक्ष ने संसद को सड़क बना दिया। विपक्ष ने सरकार पर आवाज दबाने का आरोप लगाया है तो सरकार ने विपक्ष पर चर्चा नहीं होने देने का आरोप लगाया है। इधर गुरुवार को उपराष्ट्रपति और राज्यसभा के चेयरमैन एम वेंकैया नायडू और लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने मुलाकात की और सदन में हुई घटनाओं पर विचार-विमर्श किया। सूत्रों के मुताबिक, दोनों ने सदन की गरिमा को नुकसान पहुंचाने वाले सांसदों के खिलाफ सख्त कदम उठाने पर सहमति जाहिर की है। इस मुलाकात को लेकर सूत्रों ने बताया है कि नायडू और बिरला ने पूरे घटनाक्रम की विस्तृत जांच कराने का फैसला किया है।

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