बिहार में फिर होगी आफत की बारिश, 15 अगस्त तक सभी जिलों के लिए अलर्ट जारी

0
128

बिहार में एक तरफ नदियों के उफान और बाढ़ ने लोगों को परेशान कर रखा है तो दूसरी तरफ बारिश आफत बनी हुई है। अगले 72 घंटे के लिए मौसम विभाग ने बारिश और वज्रपात को लेकर अलर्ट जारी किया है। मौसम वैज्ञानिकों ने विशेष रूप से नेपाल की तराई से सटे क्षेत्रों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। अन्य इलाकों में मध्यम बारिश का पूर्वानुमान जताया गया है। जिन इलाकों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है, उनमें किशनगंज, अररिया, मधुबनी, सीतामढ़ी, सुपौल के साथ पूर्वी और पश्चिमी चंपारण जिले शामिल हैं। इन जिलों के लोगों से सावधानी बरतने की अपील की गई है।

बिहार में मानसून की ट्रफ रेखा अमृतसर, देहरादून, बरेली, गोरखपुर से पटना होते हुए अरुणाचल प्रदेश की तरफ जा रही है। इसके साथ ही एक चक्रवाती परिसंचरण भी बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश के आस-पास फैला हुआ है। जिसकी वजह से मौसमी सिस्टम के प्रभाव से अगले 72 घंटे में बिहार के अनेक स्थानों पर मध्यम से भारी बारिश होने की आशंका जताई गई है। बिहार में साइक्लोन सर्किल का क्षेत्र बनने के साथ ही नमी भी आ रही है और इस कारण से 15 अगस्त तक बिहार के अधिकतर हिस्से में 7 से 43 एमएम तक बारिश का अनुमान है।

मौसम विभाग ने सुपौल, अररिया, किशनगंज, मधेपुरा, सहरसा, पूर्णिया, कटिहार, भागलपुर, बांका, जमुई सहित 12 जिलों में 45 एमएम तक बारिश होने का अलर्ट जारी किया है। इस दौरान पटना में भी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम वैज्ञानिकों की मानें तो बंगाल की खाड़ी से होते हुए हिमालय की तराई स्थित रक्सौल, सीतामढ़ी, सुपौल, मधुबनी, मोतिहारी, रक्सौल, अररिया, किशनगंज तक साइक्लोन सर्किल का क्षेत्र बना हुआ है।

बंगाल की खाड़ी से नमी बिहार के विभिन्न हिस्से में प्रवेश कर रही है, जिसकी वजह से पटना, गया, शेखपुरा में तेज हवा, वज्रपात के साथ बारिश होने के आसार हैं। पटना में भी गंगा के जलस्तर में वृद्धि होने से बाढ़ का खतरा बढ़ता जा रहा है। पटना के सभी घाटों पर जहां पानी चढ़ चुका है वहीं सुरक्षा दीवार के पास तक पानी पहुंच चुका है। ऐसे में जिला प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट पर है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.