पटना: जनता दरबार में सीएम नीतीश ने 143 लोगों की सुनी फरियाद, एससी टोले में संपर्क पथ नहीं होने पर हुए नाराज

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अनुसूचित जाति के एक टोले में संपर्क पथ नहीं है… इस शिकायत पर मुख्यमंत्री ने पदाधिकारियों पर नाराजगी जताई और तत्काल इस कार्रवाई करने के निर्देश दिये। गोपालगंज जिले से आए युवक ने बताया कि उनके गांव तक जाने के लिए सड़क तो बनी है, लेकिन अनुसूचित जाति का टोला गांव से अलग बसा है और यहां जाने के लिए सड़क अब तक नहीं बनी है। इस पर मुख्यमंत्री ने आश्चर्य जताया और कहा कि ऐसा कैसे संभव हो सकता है? उन्होंने ग्रामीण कार्य विभाग के सचिव को फोन किया और कहा कि अनुसूचित जाति के टोलों के लिए तो सड़क बनाने का साफ निर्देश पहले ही दे दिया गया है। फिर ऐसा कैसे हुआ? तुरंत इस कार्य को कराएं। जनता के दरबार में 143 लोगों की फरियाद मुख्यमंत्री ने सुनी और सभी के निष्पादन का निर्देश संबंधित विभागों को दिया।

औरंगाबाद जिले से आए एक युवक ने बताया कि उसके गांव की नहर में पानी नहीं है। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि पूरे राज्य में बाढ़ आई हुई है फिर भी कैसे इस नहर में पानी नहीं आ पाया। जल संसाधन विभाग के अधिकारी को मामले की जांच करने को कहा। मुजफ्फरपुर से आये एक फरियादी ने मुख्यमंत्री से कहा कि पीएम ग्रामीण आवास योजना में भारी धांधली हो रही है। हमने जनता दरबार में आने का आवेदन दिया तो मुझे जान से मारने की धमकी दी जा रही है। मुख्यमंत्री ने तुरंत ग्रामीण विकास विभाग के प्रधान सचिव से बात कर इस मामले पर समुचित कार्रवाई का निर्देश दिया। दोषियों पर भी तुरंत कार्रवाई की बात कही। पूर्वी चंपारण जिले के आदापुर की पुनिता कुमारी ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली के दुकान आवंटन में धांधली को लेकर शिकायत की तो वहीं पटना जिले के मसौढ़ी के दिव्यांग अजय कुमार ने दिव्यांगों को मुफ्त राशन, बिजली एवं रोजगार उपलब्ध कराने को लेकर मुख्यमंत्री से गुहार लगायी। मुख्यमंत्री ने संबंधित विभाग को उचित कार्रवाई के निर्देश दिए।

देश का विभाजन किसी को अच्छा नहीं लगा था

जनता दरबार के बाद 14 अगस्त को विभाजन विभिषिका दिवस मनाये जाने के सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि देश जब दो भागों में बंटा था तो किसी को अच्छा नहीं लगा था। पुरानी पीढ़ी को सब बातें मालूम हैं। इसकी चर्चा होगी तो नई पीढ़ी को भी मालूम हो जाएगा। सबकुछ बताते रहना चाहिए, नई पीढ़ी को। नहीं तो बहुत लोग जानेंगे ही नहीं। उन्होंने कहा कि बापू तो बिल्कुल नहीं चाहते थे कि विभाजन हो। जो भी संघर्ष हुआ और देश आजाद हुआ… वह बापू के नेतृत्व में हुआ है। लेकिन, उनकी जो चाहत थी, वह पूरी नहीं हुई। उनकी तो हत्या भी कर दी गई। देश बंट गया तो उन्होंने कहा कि जो दूसरा हिस्सा चला गया, वो ठीक नहीं हुआ। लेकिन, चला गया तो उसको भी सहयोग मिल जाना चाहिए। पर, उनकी ह्त्या हो गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि मेरे पिताजी स्वतंत्रता सेनानी थे आजादी के संघर्ष के बारे में मुझे बहुत बात बताए थे। बाद में फिर किताबों में भी पढ़ा। अब आजादी का 75 वां साल है। सबको मिलकर काम करना है। सब कर ही रहे हैं। देश को आगे बढ़ाना है। देश का विकास हो रहा है। पिछड़े इलाकों का विकास होगा। सब तबके का विकास होगा। समाज के कमजोर तबके का उत्थान होगा। प्रेम भाईचारा का माहौल होना चाहिए।

जदयू में कोई मतभेद नहीं

जदयू में शक्ति परीक्षण के सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि ये सब बेकार की बात है। ऐसी कोई बात नहीं है। पार्टी में कोई मतभेद नहीं है। कोई अध्यक्ष बने तो उनका स्वागत हुआ। कोई केंद्र में मंत्री बने तो उनका स्वागत हो रहा है। किसी को सम्मान मिला तो लोग उनकी इज्जत कर रहे हैं। हम पहले पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष थे। हमने ही आरसीपी को अध्यक्ष बना दिया। जब आरसीपी सिंह केंद्र में मंत्री बने तो उन्होंने ही कहा कि ललन जी अब अध्यक्ष का पद संभालेंगे। जो लोग कुछ जानते नहीं हैं, वह ऐसा कहते हैं। ओबीसी संशोधन बिल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि यह तो राज्यों का पहले से अधिकार था। हमलोग के राज्य में कर्पूरी जी के समय में ईबीसी भी बना। यह राज्यों को ही अधिकार है। इस बीच में कोर्ट का कोई निर्णय हो गया तो केंद्र ने उचित समझा कि फिर से संविधान में इसको लाकर दिया गया। 2005 से हमलोगों को कार्य करने का मौका मिला तो कई पिछड़ा वर्ग को अतिपिछड़ा में शामिल किया।

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