काबुल की बजाय अब दोहा में होगी हामिद करजई और तालिबान के बीच बातचीत, मिलीजुली सरकार के लिए कोशिश करेंगे पूर्व राष्ट्रपति

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राजधानी काबुल में तालिबान नेतृत्व और हामिद करज़ई, डा अब्दुल्ला और गुलबदीन हेकमतियार के बीच होने वाली बातचीत अब काबुल के बजाय दोहा में होगी.  इसके लिए तीनों अफगानी नेता काबुल से दोहा पहुंच रहे हैं.

सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक दोहा में चल रही बातचीत की वजह से तालिबानी नेता मुल्ला बरादर काबुल नहीं पहुंचे जिसके बाद हामिद करज़ई, डा अब्दुल्ला और हेकमतियार ने दोहा जाने का फैसला किया. ABP News ने पहले हीं यह रिपोर्ट किया था कि ये तीनों नेता काबुल पहुंच रहे तालिबानी नेताओं से बात करेंगे.

इन नेताओं की कोशिश है कि अफगानिस्तान में सभी पक्षों को शामिल कर एक व्यापक अंतरिम सरकार बनाई जानी चाहिए ना कि केवल अकेली तालिबानी सरकार जिसे विश्व के ज़्यादातर देश संभवतः मान्यता ना दें. 

उम्मीद की जा रही है कि इस बाबत कोई ना कोई आखरी निणय इस हफ़्ते के अन्त तक हो जाना चाहिए. इससे पहले हम आपको बता चुके हैं कि 15 अगस्त की शाम को हीं तालिबान और अफगानिस्तान सरकार के बीच तालिबान के बड़े प्रतिनिधित्व के साथ अंतरिम सरकार बनाने पर सहमति बन गई थी मगर पाकिस्तान की शह पर 
आखरी वक़्त पर तालिबान पलट गया था, जिसके बाद पूर्व राष्ट्रपति अशरफ़ गनी देश छोड़ कर चले गए थे.

इस बीच तालिबान के एक प्रवक्ता ने कतर में ऐसे संकेत जरूर दिए कि तालिबान दूसरे पक्षों को शामिल कर सरकार बनाने पर विचार कर सकता है मगर जिस तरह पाकिस्तान, चीन और कुछ हद तक रूस तालिबान का समर्थन कर रहे हैं उससे फिलहाल ये कहना जल्दीबाजी होगी की तालिबान क्या रूख़ इख़्तियार करेगा.

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