पटना: बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का जायजा लेने निकले CM नीतीश, किशनगंज-कटिहार और पूर्णिया का करेंगे एरियल सर्वे

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बिहार में बाढ़ से लोग काफी परेशान हैं. अभी भी कई ऐसे जिले हैं जहां बाढ़ तबाही मचा रही है. इसी कड़ी में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार आज भी बाढ़ प्रभावित जिलों का हवाई सर्वेक्षण करने निकले हैं. मुख्यमंत्री आज किशनगंज, कटिहार और पूर्णिया में एरियल सर्वे कर बाढ़ की स्थिति का जायजा लेंगे. इसके अलावा वो बाढ़ राहत कैंप का भी निरीक्षण करेंगे.

आपको बता दें कि कई जिलों में अभी भी बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है. हालांकि पटना पर मंडरा रहा बाढ़ का खतरा टल गया है. गंगा के जलस्तर में पिछले 24 घंटे में कमी आई है. पटना के सभी गंगा घाटों पर जलस्तर पहले से कम हुआ है और अब गंगा घाटों के ऊपर चढ़ा पानी नीचे उतरने लगा है. पटना के दीघा घाट पर पिछले 24 घंटे में गंगा का जलस्तर उन 40 सेंटीमीटर नीचे गया है. जबकि गांधी घाट पर 30 सेंटीमीटर और हाथी दर में 6 सेंटीमीटर की कमी आई है. गंगा का जलस्तर अभी भी पटना के दीघा घाट पर खतरे के निशान से 84 मीटर ऊपर है.

इसी तरह आप पटना के गांधी घाट पर गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से 144 सेंटीमीटर ऊपर है. लेकिन जल संसाधन विभाग और केंद्रीय जल आयोग से मिली रिपोर्ट के मुताबिक अगले 48 घंटे में गंगा का जलस्तर और नीचे आ जाएगा. गंगा का पानी एक बार नीचे जाना शुरू होता है. तो उस में लगातार गिरावट दर्ज की जाती है. 3 दिन पहले बक्सर में गंगा के जलस्तर में कमी आई थी. उसके बाद ही यह माना गया था कि पटना में भी गंगा का जलस्तर नीचे जाएगा. पटना के जिन निचले इलाकों में बाढ़ का पानी घुसा हुआ था. वह भी अब धीरे-धीरे कम हो रहा है.

गंगा नदी से सटे पटना की सुरक्षा दीवार के किनारे झुग्गी झोपड़ियों में जो पानी घुस गया था. वह अब धीरे-धीरे निकलने लगा है. राजधानी के पहलवान घाट बरहरवा घाट के साथ-साथ दूसरा राजापुर पुल और दीघा इलाके में सुरक्षा दीवार के उत्तर जो पक्के मकान और झुग्गी झोपड़ियां हैं. वहां पानी जमा हो गया था. वह भी अब निकलने लगा है. पटना जिला प्रशासन अब तक के बाढ़ को लेकर अलर्ट मोड में बना हुआ है. हालांकि ज्यादातर में आई कमी से सब ने राहत की सांस ली है.

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