हंगामे की भेंट चढ़ी जिला परिषद बैठक, धरने पर बैठीं अध्यक्ष, योजनाओं को लेकर विपक्षी गुट काटा बवाल

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जिला परिषद की एसकेएम में मंगलवार को हुई बैठक हंगामे की भेंट चढ़ गई। विपक्षी गुट सभी क्षेत्र में योजना के समान चयन की मांग पर हंगामा करते रहे। वहीं, जिला परिषद अध्यक्ष और डीडीसी के बीच 17 करोड़ की योजनाओं पर चल रही खींचतान सतह पर आ गई।

डीडीसी पर मनमानी का आरोप लगाते हुए जिप अध्यक्ष अपने कक्ष में ही धरने पर बैठ गई। जिला परिषद अध्यक्ष अंजू देवी ने बुधवार को भी सुबह 10 बजे धरने पर बैठने का ऐलान कर दिया है। मंगलवार अपराह्न एक बजे श्रीकृष्ण मेमोरियल हॉल में बैठक शुरू हुई। 

बैठक में जिला परिषद अध्यक्ष के विपक्षी गुट के सदस्य समानुपाती के रूप से योजनाओं के चयन को लेकर हंगामा करते रहे। कई बार हंगामा के बाद कोई सार्थक परिणाम नहीं निकला। शाम 4 बजे जिला परिषद की बैठक समाप्त हुई। जिला परिषद की बैठक समाप्त होने के बाद अध्यक्ष अपने कार्यालय कक्ष में आ गईं। 

उन्होंने मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी से मंगलवार की बैठक के एजेंडा को कार्य पुस्तिका में दर्ज करने को कहा। लगभग डेढ़ घंटे इंतजार के बाद बैठक की कार्यपुस्तिका में एजेंडा दर्ज नहीं करने की बात सामने आई तो अध्यक्ष अपने कार्यालय कक्ष में ही समर्थक जिला परिषद सदस्यों के साथ धरने पर बैठ गईं। लगभग 2 घंटे धरने पर बैठने के बाद अध्यक्ष चली गईं।

15वें वित्त आयोग की योजनाओं पर रार

15वें वित्त आयोग द्वारा पटना जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में आहार-पोखर-पइन तथा गली के पक्कीकरण के लिए लगभग 17 करोड़ आवंटित किया है। इस राशि को खर्च करने के लिए 353 योजनाएं अनुशंसित की गई हैं। बैठक में जिला परिषद क्षेत्र के किस हिस्से में कितनी योजनाएं चयनित की जाएंगी। 

इस पर चर्चा होनी थी लेकिन मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी सह डीडीसी ने सदन में इसकी चर्चा नहीं होने का तर्क देते हुए योजनाओं को पारित नहीं होने की बात कही। उप विकास आयुक्त रिचि पांडे का कहना है कि जिला परिषद अध्यक्ष द्वारा बुलाई गई बैठक में शामिल एजेंडे में वित्तीय वर्ष 2020- 21 की योजनाओं पर चर्चा शामिल नहीं थी। इसीलिए अनुशंसित योजना को चयनित करने से संबंधित मुहर नहीं लगायी जा सकी।

डीडीसी पोर्टल पर नहीं कर रहे अपलोड: अंजू

जिला परिषद अध्यक्ष अंजू देवी का कहना है कि पिछली बैठक में 15वें वित्त आयोग की राशि से 2020-21 के लिए चयनित योजनाओं को पारित कर दिया गया है लेकिन डीडीसी पोर्टल पर अपलोड नहीं करा रहे हैं। ना ही मंगलवार को आयोजित बैठक की कार्यपुस्तिका में लिए गए निर्णय को दर्ज कर रहे हैं। 

ज्यादातर सदस्यों ने चर्चा नहीं की: डीडीसी

डीडीसी रिचि पांडेय का कहना है कि सदन में कुल 51 सदस्य थे, जिसमें फुलवारीशरीफ और मसौढ़ी के विधायक भी उपस्थित थे। इनमें से ज्यादातर सदस्यों ने वित्तीय वर्ष 2020- 21 की चयनित योजनाओं पर चर्चा नहीं की। ऐसी स्थिति में बैठक में इस विषय पर निर्णय को कैसे मान्यता दी जाए।

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