Patna: रूठ कर फिर माने जगदानंद सिंह, अबकी जलील नहीं किये जाने का मिला है पक्का भरोसा

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लालू-राबड़ी के बड़े बेटे तेजप्रताप यादव से लगातार जलील होकर रूठ जाने वाले प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद सिंह फिर से मान गये हैं।  8 अगस्त को तेजप्रताप यादव ने खुले मंच से उन्हें जलील कर दिया था। उसके बाद 12 दिनों से जगदानंद राजद कार्यालय नहीं जा रहे थे। लेकिन इस ड्रामे का अंत वही हुआ जो पहले से होता आया है। तेजप्रताप के हाथों जलील होकर रूठने वाले जगदानंद सिंह आज फिर मान गये। तेजस्वी से मुलाकात की और फिर से राजद कार्यालय पहुंच गये। जगदा बाबू को लॉलीपॉप मिला है। वह यह है कि छात्र राजद के प्रदेश अध्यक्ष आकाश यादव को पद से हटा दिया गया है। 

राजद की जगदानंद गाथा

राजद के प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद सिंह की गाथा बड़ी अजीब है। वह आपको बतायेंगे। लेकिन उससे पहले ये जानिये कि आज यानि बुधवार को क्या हुआ। जगदानंद सिंह को तेजस्वी यादव ने अपने घर पर बुलवाया था। लगभग एक घंटे तक वे तेजस्वी के घर पर रहे। वहां से निकले और सीधे पार्टी ऑफिस पहुंच गये। अंदर की जो बात सूत्रों के हवाले से बाहर आ रही है वो यह है कि तेजस्वी यादव ने कहा कि उन्हें अब जलील नहीं किया जायेगा। जगदा बाबू इतना आश्वासन मिलते ही मान गये। 

हम आपको बता दें कि इससे पहले 8 अगस्त को लालू-राबड़ी के बड़े बेटे तेजप्रताप यादव ने राजद कार्यालय में छात्र राजद की बैठक की थी। उस खुले मंच से तेजप्रताप यादव ने जगदानंद सिंह को जी भर के जलील किया। तेजप्रताप यादव ने कहा था कि जगदानंद सिंह हिटलर हैं। वे कुर्सी को अपनी बपौती मान कर बैठे हैं। तेजप्रताप यादव ने खुले मंच से जगदानंद सिंह को जी भर के कोसा था।

जगदा बाबू को कैसे मिला लॉलीपॉप

मजे की बात देखिये. जगदानंद सिंह को मनाने के लिए छात्र राजद के प्रदेश अध्यक्ष आकाश यादव को हटाया गया है। मंच से जगदानंद सिंह को जलील किया तेजप्रताप यादव ने और हटाया गया छात्र राजद के प्रदेश अध्यक्ष को। जगदानंद सिंह ने अपने स्तर से लेटर जारी किया है उसमें आकाश यादव को छात्र राजद के प्रदेश अध्यक्ष पद से हटाने औऱ गगन कुमार को इस पद पर मनोनीत करने की जानकारी दी गयी है। आपको भी ये बात अजीब लग सकती है कि जगदानंद सिंह को बेईज्जत करने वाले पर कोई कार्रवाई नहीं हुई फिर भी जगदा बाबू मान गये।

बार-बार जलील हुए हैं जगदानंद सिंह

जगदानंद सिंह लालू-राबड़ी के बड़े बेटे तेजप्रताप यादव के हाथों बार-बार जलील हुए हैं। पिछले 5 जुलाई को राजद के स्थापना दिवस समारोह में लालू-तेजस्वी की मौजूदगी में तेजप्रताप यादव ने जी भर के जगदानंद सिंह को जलील किया था।उसके बाद जगदा बाबू ऐसे रूठे थे कि उनके इस्तीफे की खबर फैल गयी। लेकिन जगदानंद सिंह तेजस्वी-लालू से बात कर फिर से अध्यक्ष की कुर्सी पर आकर बैठ गये। उससे पहले एक दफे तेजप्रताप यादव मीडिया और अपने समर्थकों की टीम के साथ पार्टी ऑफिस पहुंच गये थे। 

पार्टी ऑफिस में जगदानंद सिंह भी बैठे थे। तेजप्रताप यादव ने दफ्तर में खड़े होकर मीडिया के सामने जगदानंद सिंह को जी भर के बेईज्जत किया। जगदा बाबू उसे भी पचा गये थे। खैर कुल मिलाकर तीसरी दफे जगदानंद सिंह रूठ कर माने हैं। भरोसा दिलाया गया है कि उन्हें अब जलील नहीं होना पड़ेगा। लेकिन तेजप्रताप यादव पर कोई कार्रवाई नहीं होगी। लालू फैमिली का हाल ये है कि तेजप्रताप यादव से बात करने की हिम्मत जुटा पाना भी शायद ही किसी के लिए मुमकिन है। इनमें तेजस्वी भी शामिल हैं।

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