दिल्ली इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर दबोचा गया पटना का रहने वाला ठग, बड़े कारोबारी से की थी भारी धोखाधड़ी, गुनाह कबूला

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ठगी के कई मामलों का आरोपी पटना का मनीष कुमार शांता जब विदेश से दिल्ली के अंतर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट पर उतर रहा था तो उसे अंदाजा नहीं था कि उसके साथ क्या होने जा रहा है. एयरपोर्ट पर लैंड करने के बाद जब मनीष कुमार शांता इमीग्रेशन काउंटर पर पहुंचा तो उसका पासपोर्ट देखते ही अधिकारी सतर्क हो गये. तत्काल सुरक्षा अधिकारियों को बुलाया गया औऱ उसे धऱ दबोचा गया. पटना का रहने वाले मनीष कुमार शांता ने बिहार के एक बड़े कारोबारी के भरोसे का खून कर बड़ी हेराफेरी की थी. वह विदेश में जा छिपा था लेकिन भारत में कदम रखते ही उसे धर दबोचा गया.

क्या है पूरा मामला

हम आपको मनीष कुमार शांता के कारनामों की कहानी बताते हैं. बिहार के बडे व्यवसायी हैं राकेश कुमार पांडेय. राकेश पांडेय ब्रावो फार्मा समेत कई कंपनियों के मालिक हैं औऱ भारत के साथ साथ दुनिया के कई देशों में उनका कारोबार फैला है. मनीष कुमार शांता 2014 से राकेश पांडेय की कंपनी ब्रावो फार्मा में काम कर रहा था. 2019 में उसने कंपनी को प्रस्ताव दिया कि वह नये प्रोडक्ट को बिहार समेत देश औऱ विदेश के दूसरे हिस्सों में लांच करेगा. उसके प्रस्ताव को मंजूरी देते हुए कंपनी ने इस काम के लिए उस मोटी रकम दी. मनीष कुमार शांता ने कंपनी से पैसे तो ले लिये लेकिन काम नहीं किया. जब कंपनी ने उससे पूछताछ करनी शुरू की तो 2020 में वह कंपनी छोड़ कर भाग खड़ा हुआ.

दूसरी कंपनियों से भी की ठगी

ब्रावो फार्मा से ठगी कर के भागे मनीष कुमार शांता ने देश के कई कंपनियों से ठगी. उसने हैदराबाद की कंपनियों को अपना निशाना बनाया. हैदराबाद की MMC हेल्थकेयर औऱ सुरक्षा फार्मा कंपनियों के मालिक से वह ब्रावो फार्मा का प्रतिनिधि बन कर मिला. उसने हैदराबाद की कंपनियों को कहा कि वह उनकी दवा ब्रावो फार्मा के जरिये विदेशों में सप्लाई करा देगा. विदेशों में दवा सप्लाई कराने के नाम पर उसने हैदराबाद की दो कंपनियों से मोटी रकम ऐंठी. इस बीच कोरोना की पहली लहर आयी. मनीष कुमार शांता ने हैदराबाद की इन्हीं कंपनियों से ब्रावो फार्मा के नाम पर बड़ी मात्रा में क्रेडिट पर रेमडेसिविर इंजेक्शन ले लिया. हैदराबाद की दोनों कंपनियों से तकरीबन पचास लाख रूपये ऐंठने के बाद वह देश छोड़ कर फरार हो गया.

पटना से लेकर हैदराबाद में हुए केस

इस बीच ब्रावो फार्मा के निदेशकों को ये जानकारी मिली कि मनीष कुमार शांता न सिर्फ उनकी कंपनी का पैसा लेकर भागा है बल्कि दूसरी कंपनियों से भी ठगी कर रहा है. इसके लिए वह ब्रावो फार्मा का नाम बेच रहा है. इसके बाद इस साल 2 जून को ब्रावो फार्मा के पटना स्थित प्रतिनिधि ने शास्त्रीनगर थाने में मनीष कुमार शांता पर साढ़े 18 लाख रूपये का गबन करने औऱ ब्रावो फार्मा के नाम पर दूसरी कंपनियों से पैसे ठगने का मुकदमा दर्ज किया.

उधर हैदराबाद में MMC हेल्थकेयर औऱ सुरक्षा फार्मा के मालिक एम. नागेश्वर राव गुप्ता की ओऱ से मनीष कुमार शांता के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करायी गयी. प्राथमिकी में कहा गया कि मनीष कुमार शांता ने ब्रावो फार्मा के जरिये विदेशों में उनकी दवा बिकवाने के नाम पर तकरीबन 35 हजार डॉलर ऐंठ लिये. वहीं कोरोना के दौरान 30 हजार डॉलर का रेमडेसिविर इंजेक्शन लेकर पैसा दिये बगैर फरार हो गया. मनीष कुमार शांता ने दोनों कंपनियों से तकरीबन 50 लाख रूपये की ठगी की. 

उजबेकिस्तान में छिप कर बैठा था

मनीष कुमार शांता ठगी की इन घटनाओं को अंजाम देने के बाद उजबेकिस्तान में छिप कर बैठा था. उसे अंदाजा नहीं था कि हैदराबाद पुलिस ने उसके खिलाफ अलर्ट जारी कर रखा है. चार दिन पहले जैसे ही उसने उजबेकिस्तान से दिल्ली एयरपोर्ट पर लैंड किया, उसे धर दबोचा गया. फिलहाल उसे हैदराबाद पुलिस अपने साथ ले गयी है. हैदराबाद पुलिस के सामने उसने अपना गुनाह कबूल कर लिया है. उसकी कबूलनामा पुलिस ने कोर्ट में पेश किया है. वहीं पटना पुलिस भी उसे रिमांड पर लेने में लगी है. पटना पुलिस के मुताबिक जल्द ही यहां से एक टीम हैदराबाद भेजी जायेगी जो मनीष कुमार शांता को पटना ले कर आय़ेगी.

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