बिहार पंचायत चुनाव: आज अधिसूचना जारी होते ही लागू हो जाएगी आदर्श आचार संहिता, अब नहीं कर सकेंगे ये काम

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बिहार पंचायत चुनाव की अधिसूचना आज जारी होने की सम्‍भावना है। अधिसूचना जारी होते ही राज्‍य में आचार संहिता लागू हो जाएगी। इसके साथ ही भावी प्रत्‍याशियों, नेताओं और अधिकारियों के लिए राज्‍य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी निर्देर्शों का पालन करना जरूरी हो जाएगा। निर्वाचन आयोग ने प्रत्‍याशियाें के लिए कई निर्देश जारी किए हैं।

इन निर्देशों के अनुसार प्रत्याशी के द्वारा धर्म, संप्रदाय और जातिगत भावनाओं को ठेस नहीं पहुंचाया जाएगा। चुनाव जीतने के लिए धार्मिक, जातीय भाषाई भावनाओं का सहारा नहीं लिया जाएगा। पूजा स्थलों का प्रयोग चुनाव प्रचार के लिए नहीं किया जाएगा। किसी भी प्रत्याशी के व्यक्तिगत जीवन की आलोचना नहीं की जाएगी।

पोस्टर, इश्तहार पैंपलेट के प्रकाशक और मुद्रक का नाम उस अंकित होना चाहिए। किसी की निजी संपत्ति का उपयोग झंडा टांगने, पोस्टर चिपकाने या नारा लिखने के लिए नहीं किया जाएगा। सार्वजनिक संपत्ति का प्रयोग वर्जित रहेगा। प्रत्याशी अपने आवास, कार्यालय और प्रचार वाहन पर झंडा बैनर आदि का उपयोग कर सकता है। किसी राजनैतिक दल के नाम या झंडे की आड़ में चुनाव प्रचार करना दंडनीय होगा। चुनाव के दौरान कोविड-19 प्रोटोकॉल का पालन करना होगा। नुक्कड़ सभा के लिए निर्वाचित पदाधिकारी की इजाजत आवश्यक है। निर्वाचन पदाधिकारी की इजाजत से ही जुलूस निकाला जा सकेगा।

सरकारी विभागों और कर्मचारियों के लिए

किसी मंत्री के निजी मकान पर आयोजित किसी कार्यक्रम में सरकारी पदाधिकारी और कर्मचारी भाग नहीं लेंगे। सभा आदि के इजाजत में भेदभाव नहीं करते हुए सबसे पहले आने वाले को प्राथमिकता देंगे। सरकारी भवन परिसर के चुनाव प्रचार और बैठक के लिए इस्‍तेमाल की इजाजत नहीं दी जाएगी। पंचायत के पदाधिकारी के साथ क्षेत्रीय भ्रमण में नहीं रहना है। निर्वाचन पदाधिकारी, सहायक निर्वाचन पदाधिकारी,चुनाव पदाधिकारी, उप निर्वाचन पदाधिकारी के पदस्थापन और स्थानांतरण पर रोक रहेगी। निर्वाचन कार्य से जुड़े अन्य क्षेत्रीय पदाधिकारियों और कर्मचारियों के स्थानांतरण पर भी रोक रहेगी।

नई योजनाओं की स्वीकृति और क्रियान्‍वयन पर रोक

पंचायती राज विभाग की योजनाएं यदि पहले से स्वीकृत हैं और योजना का काम शुरू हो गया है तो उस पर रोक नहीं रहेगी लेकिन, नए सिरे से स्वीकृति अथवा स्वीकृति प्राप्त योजना का काम शुरू करने पर रोक रहेगी। प्रधानमंत्री आवास योजना पर रोक रहेगी। किसी विशेष समुदाय के लिए छात्रावास,विद्यालय अन्य प्रकार की कल्याणकारी योजनाएं सामान्य विकास योजनाओं के तहत नहीं आएगी। निर्वाचन प्रक्रिया समाप्त होने तक ग्रामीण क्षेत्र में सड़क, शिक्षा, पेयजल,स्वास्थ्य, विद्युतीकरण,महिला और बाल कल्याण आदि के क्रियान्वयन, शिलान्यास और उद्घाटन पर पाबंदी रहेगी। आंगनवाड़ी सेविका और सहायिका के चयन पर प्रतिबंध रहेगा।

सांसद-विधायक निधि से नई योजनाओं की स्वीकृति और क्रियान्वयन पर भी रोक रहेगी। सांसदों और विधायकों को सहायता और अनुदान का आश्वासन भी नहीं देना है। पंचायती राज संस्थाओं द्वारा सरकारी खर्च पर किसी प्रकार का विज्ञापन का प्रकाशन नहीं होगा।

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