तेजप्रताप की मस्ती: पहले दिल्ली में की पार्टी अब वृंदावन में कर रहे भक्ति

0
92

अपने परिवार औऱ पार्टी में आग लगाकर लालू-राबड़ी के बड़े लाल तेजप्रताप यादव मस्ती में डूबे हैं। पहले दिल्ली में पार्टी की औऱ अब वृंदावन पहुंच गये हैं। लालू फैमिली से लेकर आरजेडी अब तक तेजप्रताप के दिये गये सदमे से उबर नहीं पायी लेकिन तेजप्रताप यादव को इसकी कोई फिक्र नहीं है।

वृंदावन में गुरू से लिया गुरूमंत्र

जो खबर आ रही है उसके मुताबिक तेजप्रताप यादव दिल्ली से वृंदावन निकल गये हैं। वृंदावन में वे अपने स्थानीय साथियों के साथ धूनी रमाकर बैठे हैं। उन्होंने वहां अपने गुरू वल्लभाचार्य जी से मुलाकात की। तेजप्रताप यादव ने खुद तस्वीर जारी की है। जिसमें वे वल्लभाचार्य से आशीर्वाद ले रहे हैं। सवाल ये उठ रहा है कि वे पार्टी और परिवार को जिस तरीके से चुनौती दे रहे हैं। उससे निपटने का गुरूमंत्र उन्हें मिल गया है। तेजप्रताप यादव के करीबियों ने बताया कि फिलहाल उन्होंने पटना लौटने का कोई प्रोग्राम नहीं बनाया है।

दिल्ली में पार्टी

गौरतलब है कि 21 अगस्त की रात तेजप्रताप यादव अपनी गाड़ी से पटना से निकले थे। वे सबसे पहले लखनऊ गये जहां उन्होंने अपनी बहन से राखी बंधवायी। उसके बाद दिल्ली पहुंच कर दूसरी बहनों से राखी बंधवायी. रक्षाबंधन के अगले दिन वे दिल्ली में अपने दोस्तों के साथ पार्टी करते दिखे. दिल्ली के एक मॉल में अपने दोस्तों के साथ मस्ती करते तेजप्रताप यादव की तस्वीरें वायरल हुई. उसके बाद वे वृदांवन निकल गये.

पार्टी-परिवार में लगी है आग

हालांकि तेजप्रताप यादव अपने परिवार औऱ पार्टी में भीषण आग लगा चुके हैं. आग को बुझाने की उन्हें कोई परवाह भी नहीं है. दिल्ली में भी उन्होंने कुछ देर के लिए अपने पिता लालू प्रसाद यादव से मुलाकात की थी लेकिन जानकार बता रहे हैं कि उसमें कोई बात नहीं बनी. एक छोटी सी मुलाकात के बाद उन्होंने लालू यादव से फिर मिलने की कोशिश नहीं की. 

वहीं तेजस्वी यादव दिल्ली में ही जमे हैं. पार्टी की हालत ये है कि उसका एजेंडा ही खत्म हो गया है. एक सप्ताह पहले तक तेजस्वी यादव औऱ उनकी पार्टी बाढ़, भ्रष्टाचार से लेकर दूसरे मुद्दों पर नीतीश कुमार औऱ बीजेपी को घेर रहे थे. वहीं लोगों के बीच जेडीयू में नीतीश, आऱसीपी सिंह, ललन सिंह औऱ उपेंद्र कुशवाहा के बीच घमासान की चर्चा थी. तेजप्रताप यादव ने सारा एजेंडा ही बदल दिया. जेडीयू के अंतर्कलह से लेकर सरकार की नाकामियों पर चर्चा बंद हो गयी है.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.