पिता की बरसी तक 12 जनपथ में रहना चाहते हैं चिराग, आवास में रामविलास पासवान की प्रतिमा भी लग गई है

0
74

चिराग पासवान को दिल्ली के 12 जनपथ स्थित स्वर्गीय रामविलास पासवान के सरकारी आवास को खाली करने का नोटिस दिया गया था. हालांकि उन्होंने बंगला खाली करने के लिए 8 अक्टूबर तक का समय मांगा है लेकिन इसी बीच बंगले के अन्दर चिराग ने स्वर्गीय रामविलास पासवान की मूर्ति स्थापित करवा दी है. इतना ही नहीं ऑफिस के बाहर ‘रामविलास पासवान स्मृति’ लिखा एक बोर्ड भी लगवा दिया है. अब नोटिस मिलने के बाद मूर्ति की स्थापना किये जाने के कई मतलब निकाले जा रहे हैं. कहा जा रहा है कि चिराग बंगला छोड़ने के मूड में नहीं हैं. यह भी कहा जा रहा है कि चिराग और उनके समर्थक 12 जनपथ स्थित बंगले को रामविलास पासवान की स्मृति के रूप में रहने देने की भी मांग कर सकते हैं.

आपको बता दें कि रामविलास पासवान के निधन के बाद उनका बंगला केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को आवंटित कर दिया गया है. हालांकि चिराग पासवान ने उस बंगले को कुछ दिन औऱ अपने पास रहने देने की गुहार केंद्र सरकार के पास लगायी हुई है. उन्होंने स्वर्गीय रामविलास पासवान की पहली पुण्यतिथि यानी कि 8 अक्टूबर तक की मोहलत सरकार से मांगी है. चिराग अपने पिता की पहली पुण्यतिथि उसी बंगले में मनाना चाह रहे हैं. लेकिन मोहलत लेने के बाद रामविलास की मूर्ति की स्थापना किसी और बात की तरफ इशारा कर रही है.

गौरतलब है कि दिल्ली में 12 जनपथ के बंगले की पहचान रामविलास पासवान के नाम से ही होती रही है. 1989 से ही रामविलास पासवान उस बंगले में रहते आये हैं. अक्टूबर 2020 में उनके निधन तक बंगला उनके नाम ही आवंटित रहा. चिराग पासवान ने अपनी लगभग पूरी जिंदगी उसी 12, जनपथ के बंगले में गुजारी है. इससे पहले चिराग पासवान को 12 जनपथ का बंगला खाली करने का नोटिस भेजा गया था. केंद्रीय आवास एवं नगर विकास मंत्रालय ने चिराग पासवान को नोटिस भेजकर उस बंगले को खाली करने को कहा था जो उनके पिता रामविलास पासवान के नाम आवंटित था.

चिराग पासवान को पिछले 14 जुलाई को 12 जनपथ खाली करने का आखिरी नोटिस मिला था. सूत्रों ने ये भी बताया कि उससे पहले भी चिराग पासवान को दो दफे बंगला खाली करने का नोटिस भेजा गया था. जानकारी के मुताबिक रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने फिलहाल 12 जनपथ के बंगले में शिफ्ट होने की जल्दबाजी नहीं दिखायी है. उनकी ओऱ से ऐसी कोई मांग केंद्र सरकार से नहीं की गयी है. लेकिन वे एक साथ कई मंत्रालयों का काम संभाल रहे हैं. लिहाजा सांसदों के लिए बने एमएस फ्लैट से बड़े बंगले में शिफ्ट होना उनकी मजबूरी है. अश्विनी वैष्णव के पास रेल के अलावा इंफॉरमेशन टेक्नोलॉजी और संचार मंत्रालय है. उन्हें 12 जनपथ स्थित बंगला आवंटित हुआ है.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.