बहुचर्चित मुखिया रितु जायसवाल ने अपने पति को सौंपा उत्तराधिकार,अफसर पति अब लड़ेंगे मुखिया का चुनाव

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 6 साल पहले की बात है जब दिल्ली के एक बड़े अफसर की पत्नी रितु जायसवाल बिहार में मुखिया का चुनाव लड़ने चली आयी। रितु जायसवाल मुखिया का चुनाव जीत भी गयीं। पूरे देश में उनकी चर्चा लगातार होती रही। रितु जायसवाल पिछले विधानसभा चुनाव में विधायक बनने का चुनाव लड़ी। लिहाजा अब वे विधायक मैटेरिलय बन गयी हैं। अब रितु जायसवाल के अफसर पति मुखिया का चुनाव लड़ेंगे।

रितु जायसवाल के पति मुखिया का चुनाव लड़ेंगे

6 साल पहले रितु जायसवाल चर्चे में आयी थीं। वे सीतामढ़ी जिले के परिहार प्रखंड में सिंहवाहिनी पंचायत की मुखिया चुनी गयी थीं। रितु जायसवाल उससे पहले दिल्ली में आराम की जिंदगी जी रही थी। लेकिन अचानक उन्होंने अपने ससुराल से मुखिया का चुनाव लड़ने का फैसला लिया।

हालांकि उससे पहले से ही वे इस गांव में गरीबों के लिए काम कर रही थी. 2015 में वे मुखिया बनीं और फिर पंचायत की सूरत ही बदल दी. सिंहवाहिनी पंचायत में बिजली से लेकर सड़क सब दुरूस्त हो गया. सिंहवाहिनी पंचायत सीतामढ़ी का पहला पंचायत बन गया जिसमें हर घर में शौचालय था और पूरा पंचायत ओपन डेफिकेसन फ्री यानि खुले में शौच मुक्त हो गया. इसके लिए उन्हें केंद्र सरकार की ओर से सम्मानित भी किया गया।

लेकिन रितु जायसवाल ने इस दफे एलान कर दिया है कि वह मुखिया का चुनाव लडेंगी. अब उनके पति अरूण कुमार ने एलान किया है कि वे मुखिया का चुनाव लड़ेंगे. अरूण कुमार एलाइड सर्विस में थे. हालांकि वे वीआरएस लेकर फिलहाल छात्रों को गाइड करने का काम कर रहे हैं।

अरुण कुमार ने 1995 बैच के एलायड अफसर रहे हैं दिल्ली में सेंट्रल विजिलेंस कमीशन के डायरेक्टर रहते हुए उन्होंने वीआरसी ले लिया था. अरूण कुमार कहते हैं कि 9 बजे से 5 बजे की नौकरी से जी उब गया था।

कुछ नया करने का इरादा था लिहाजा उन्होंने नौकरी से वीआरएस लेकर सिविल सर्विसेज की तैयारी करने वाले युवकों को गाइड करने का फैसला लिया. अरुण कुमार, UPSC परीक्षा की तैयारी करने वाले युवाओं के लिए ऑनलाइन गाइड करते हैं. अभी भी 240  युवक उनसे जुड़े हैं।

अरूण कुमार ने कहा कि उन्होंने मुखिया का चुनाव लडने का फैसला लिया है. वे गांव में गरीबों की सेवा करना चाहते हैं. उनका मानना है कि अभी भी समाज के लिए कुछ करने के लिए गांव ही सबसे अच्छी जगह है. महात्मा गांधी भी विदेश से लौट कर चंपारण के गांव में आंदोलन करने पहुंच गये थे. अरूण कुमार कह रहे हैं उनके पास एजेंडे होंगे- कमाई, पढ़ाई, दवाई, सिंचाई और भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई।

अरूण कुमार कह रहे हैं कि उनकी पत्नी रितु जायसवाल ने जो काम किया वे उसे आगे बढ़ायेंगे. रितु कह रही हैं कि अब वे राजद की प्रदेश प्रवक्ता बन गयी हैं. उन्हें पूरे बिहार की बात करनी होती है।

वहीं पहली जिम्मेवारी परिहार विधानसभा क्षेत्र के लोगों को देखन है. गौरतलब है कि रितु जायसवाल ने राजद के टिकट पर पिछला विधानसभा चुनाव परिहार से लडा था और वे मामूली अंतर से हार गयी थीं. सिर्फ डेढ़ हजार वोटों से उन्हें हार का सामना करना पड़ा था. उसके बाद भी वे लगातार परिहार क्षेत्र में सक्रिय हैं. 

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