बाज नहीं आ रहा चीन! लद्दाख में देपसांग के काफी करीब बना रहा उन्नत सड़क, सैटेलाइट तस्वीर से खुलासा

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चीन की फितरत ही दगाबाजी है और यही वजह है कि वह बार-बार भारत को धोखा दे रहा है। पूर्वी लद्दाख में भले ही सीमा विवाद को लेकर लाख चीन शांति और डिसइंगेजमेंट का राग अलाप ले, मगर हकीकत यही है कि वह भारत को इन बातों में फुसलाकर अपने मंसूबों को पूरा करना चाहता है। भारत और चीन के बीच पूर्वी लद्दाख के प्रमुख क्षेत्रों से सेना हटाने पर बनी सहमति के बाद भी पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) के साथ बुनियादी ढांचे का निर्माण जारी रखे हुए है। सैटलाइट तस्‍वीरों से खुलासा हुआ है कि चीन देपसांग इलाके पर अपनी पकड़ को और ज्‍यादा मजबूत करने में जुट गया है और सड़क का काम तेजी से कर रहा है।

द हॉन्गकॉन्ग पोस्ट ने अपनी इस रिपोर्ट में चीन के नापाक मंसूबों की पोल खोली है। रिपोर्ट बताती है कि देपसांग इलाके में बुनियादी ढांचे का निर्माण जारी रखना भारत के प्रति चीन के असली इरादे को दर्शाता है। चीन अपनी सड़कों को न सिर्फ चौड़ा कर रहा है, बल्कि उसकी मरम्मत भी कर रहा है, ताकि उसकी पहुंच आसान हो जाए। बता दें कि पिछले साल पूर्वी लद्दाख में गतिरोध के बाद तनाव वाले बिंदुओं पर शांति कायम करने के लिए दोनों देशों में कई स्तर की सैन्य वार्ता हुई थी और दोनों देशों के बीच डिसइंगेजमेंट पर सहमति बनी थी। 

रिपोर्ट में बताया गया है कि चीनी सेना पीएलए द्वारा बुनियादी ढांचे का निर्माण इस साल के शुरुआत से ही देखा जा रहा है और हाल ही में अगस्त 2021 में भी सैटेलाइट की तस्वीरों में देखा गया है। द हॉन्गकॉन्ग पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार, भारत के सबसे ऊंचे हवाई क्षेत्र दौलत बेग ओल्डी (डीबीओ) से महज 24 किमी दूर देपसांग मैदानों तक जाने वाले तियानवेंडियन राजमार्ग के चीनी विस्तार के साथ तनाव फिर से बढ़ गया है।

17 अगस्त 2021 की सैटेलाइट तस्वीरों ने एलएसी के पास पश्चिमी क्षेत्र के साथ-साथ देपसांग मैदानों के पास उन्नत बुनियादी ढांचे का खुलासा किया है। ट्विटर हैंडल @detresfa_ के मुताबिक, इन तस्वीरों से ऐसा लग रहा है कि देपसांग के मैदानी इलाकों की ओर जाने वाली तियानवेंडियन हाईवे पर मरम्मत, चौड़ीकरण का काम हो रहा है। इतना ही नहीं, इसी साल चीनी सेना पुरानी सड़क को मजबूत कर रहा है और सड़क कार्य में तेजी से जुटा है। मई 2020 में भारत और चीन के बीच तनाव शुरू होने के बाद से इस हैंडल ने कई तस्वीरें जारी की हैं। यह राजमार्ग अक्साई चीन के तियानवेंडियन में पीएलए की पोस्ट को देपसांग मैदानों से जोड़ता है।

द एचके पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार, तियानवेंडियन राजमार्ग अक्साई चीन में पीएलए के तियानवेंडियन ऑल-सीजन पोस्ट को डेपसांग मैदानों से जोड़ता है। यह सामरिक रूप से चीन का बड़ा कदम होगा। बता दें कि पोस्ट डीबीओ से मुश्किल से 24 किमी दूर स्थित है। मौजूदा गतिरोध के दौरान चीनी सैनिकों ने अपने टैंकों और सैनिकों को भारतीय चौकियों के करीब ला दिया है।

बता दें कि भारत इस बात पर जोर देता रहा है कि न केवल पैंगोंग बल्कि पूर्वी लद्दाख में देपसांग और डेमचोक के आसपास के क्षेत्रों में जहां भारतीय चरवाहों को रोका गया है, सभी संघर्बिंष दुओं से निपटा जाना चाहिए। डिसइंगेजमेंट की बात के बावजूद चीन अक्साई चीन पर अपने सैन्य नियंत्रण का स्पष्ट दावा कर रहा है। विशेष रूप से चीन का देपसांग मैदानों पर बुरी नजर से देखना चिंता का विषय है, क्योंकि यह भारत के डीबीओ और काराकोरम दर्रे के बहुत करीब है। 

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