मोदी असली चेहरा, बाकी फटे मास्क, शिवसेना ने की पीएम मोदी की तारीफ, शाह पर हमलावर

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शिवसेना के मुखपत्र सामना में अक्सर कुछ न कुछ ऐसा छपता है जो चर्चा का विषय बन जाता है। एक बार फिर शिवसेना एक संपादकीय चर्चा में है। शनिवार को प्रकाशित इस संपादकीय में प्रधानमंत्री मोदी की तारीफ की गई है। वहीं गृहमंत्री अमित शाह के लिए कड़े शब्दों का इस्तेमाल किया गया है। लेख में मोदी को भाजपा का असली चेहरा बताया गया है। साथ ही कहा गया है कि पीएम मोदी 2024 चुनाव को देखते हुए बोल्ड कदम उठा रहे हैं और पुरानी गलतियों को ठीक कर रहे हैं। यह लेख शिवसेना प्रवक्ता और सामना के एसोसिएट एडिटर संजय राउत ने लिखा है।

पश्चिम बंगाल हारे और महाराष्ट्र में पुराना साथी खोया 
हालांकि सामना के इस संपादकीय में गृहमंत्री अमित शाह की बिल्कुल भी तारीफ नहीं की गई है। सामना ने पश्चिम बंगाल की हार के लिए अमित शाह को दोषी ठहराया है। लेख में कहा गया है कि अमित शाह ने पार्टी के लिए बंगाल का चुनाव गंवाया। वहीं महाराष्ट्र में 25 साल पुराने साथी शिवसेना को भी खो दिया। अखबार लिखता है, ‘पीएम मोदी ही भाजपा का असली चेहरा हैं। बाकी सभी लोग फटे हुए मास्क जैसे हैं। बिना मोदी के अगर यह फटे हुए मास्क नगर निकाय चुनाव में भी उतर गए तो जीत नहीं पाएंगे। इसी बात का ख्याल रखते हुए पीएम मोदी ने 2024 चुनाव के लिए तैयारी शुरू कर दी है।’

मुख्यमंत्री बदलने के लिए तारीफ, नड्डा को बताया अच्छा
सामना के संपादकीय में आगे लिखा है कि जब से जेपी नड्डा भाजपा के अध्यक्ष बने हैं, पार्टी में लगातार बदलाव हो रहे हैं। अखबार के मुताबिक मोदी और नड्डा ने भाजपा शासित राज्यों में सुधारवादी कदम उठाए हैं। इसका फायदा पार्टी को साल 2024 में होने वाले आम चुनाव में मिलेगा। वहीं अखबार ने तीन राज्यों में मुख्यमंत्री बदलने के लिए भी भाजपा की तारीफ की है। गुजरात में विजय रूपाणी को हटाने पर सामना ने लिखा है कि यहां से पुराने वटवृक्षों को हटाकर नए पौधे लगाए गए हैं। 

मध्य प्रदेश, हिमाचल और हरियाणा के मुख्यमंत्रियों पर करीबी नजर
इस मराठी दैनिक ने आगे लिखा है कि मोदी और नड्डा अब मध्य प्रदेश, हिमाचल प्रदेश और हरियाणा के मुख्यमंत्रियों पर करीबी निगाह रखे हुए हैं। इसके मुताबिक भाजपा ने पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल और महाराष्ट्र में हार के बाद नड्डा यह बदलाव कर रहे हैं। संजय राउत ने अपने इस लेख में अमित शाह पर हमला किया है। वह लिखते हैं, ‘ऐसा कहा जाता था कि अमित शाह कोई चुनाव नहीं हार सकते। लेकिन उनके समय में ही भाजपा-शिवसेना का 25 साल पुराना साथ छूट गया। अब भाजपा विपक्ष में बैठ रही है।’ वहीं पॉलिसी मैटर्स के चलते महाराष्ट्र में राज्य भाजपा सामना के संपादकीय पर टिप्पणी करने से बचती है।

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