Delhi: रेलवे में नौकरी दिलाने का झांसा देकर चीटिंग करने वाले गिरोह का भंडाफोड़, एक गिरफ्तार

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दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा ने भारतीय रेलवे में नौकरी दिलाने का झांसा देकर करोड़ों रुपए की चीटिंग करने के मामले में एक शख्स को गिरफ्तार किया है. पुलिस के मुताबिक इस गिरोह के दो आरोपी पहले ही गिरफ्तार किए जा चुके हैं. यह गिरोह अब तक 40 लोगों को दो करोड़ रुपए से भी ज्यादा का चूना लगा चुका है. पुलिस अधिकारियों के मुताबिक गिरफ्तार आरोपी का नाम मोहम्मद रागिब फ़िरोज़ है, जो ग्रेटर नोएडा का रहने वाला है. राघिब साइकोलॉजी से ग्रेजुएट है. यही शख्स इंटरव्यू, अपॉइंटमेंट लेटर से लेकर ट्रेनिंग कराने का काम को ऑर्डिनेट कर रहा था. दिल्ली पुलिस इस गिरोह के दो सदस्यों ब्रिज किशोर और सचिन कुमार को पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है. लेकिन राघिब फ़िरोज़ फरार चल रहा था. जिसे एक सूचना के बाद आर्थिक अपराध शाखा ने ग्रेटर नोएडा से गिरफ्तार कर लिया है.

अपॉइंटमेंट लेटर से लेकर ट्रेनिंग तक दी जाती थी

दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा के मुताबिक नौकरी के लिए अप्लाई करने वालों को बकायदा फर्जी अप्वाइंटमेंट लेटर दिए जाते थे. इतना ही नहीं अपॉइंटमेंट लेटर के बाद फर्जी मेडिकल एग्जामिनेशन होता था और फिर उसके बाद देहरादून में 3 महीने का ट्रेनिंग प्रोग्राम भी ऑर्गेनाइज कराया जाता था. इस गिरोह ने जिन लोगों को चूना लगाया है उनमें अधिकतर हाथरस, आगरा और पटना कर रहने वाले है. इन लोगो को इस फर्जीवाड़े का तब पता लगा जब ये लोग जमशेदपुर स्थित डीआरएम के दफ्तर रिपोर्टिंग के लिए पहुंचे. वहां पहुंचकर इन्हें पता चला कि इनके साथ धोखाधड़ी हुई है.

पहाड़गंज के एक होटल में लिए थे इंटरव्यू, गैंग का एक सदस्य बनता था आईएएस अफसर

दिल्ली पुलिस अधिकारियों के मुताबिक यह गैंग दिल्ली में रेल भवन के पास पहाड़गंज के एक होटल में इंटरव्यू लिया करता था. गैंग का एक सदस्य बाकायदा आईएएस ऑफिसर बनता था और फिर इंटरव्यू लेकर रेलवे में नौकरी देने का झांसा देकर रिक्रूटमेंट की जाती थी. पुलिस के मुताबिक सभी शिकायतकर्ता बेहद गरीब परिवार से ताल्लुक रखते हैं. और हर कैंडिडेट से इन्होंने करीब 4 से 5 लाख रुपये ठगे थे. दिल्ली पुलिस के सामने ये मामला जनवरी में आया था. जिसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया था. लेकिन मुख्य आरोपी रागिब फरार चल रहा था. 

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