NEET सॉल्वर गैंग: मास्टरमाइंड पीके के पास दर्जनों अभ्यर्थियों की डिग्रियां हैं बंधक, पटना से पूरा परिवार घर छोड़कर फरार

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नीट परीक्षा में सॉल्वर बैठाने का मास्टरमाइंड प्रेम कुमार उर्फ नीलेश उर्फ पीके के कारनामों की कलई परत-दर-परत खुलनी शुरू हो गई है। जांच में पुलिस को पता चला है कि फरार पीके के पास नीट परीक्षा में शामिल होने वाले दर्जनों अभ्यर्थियों की डिग्रियां बंधक हैं। इनमें त्रिपुरा के दवा व्यवसायी गोपाल विश्वास की बेटी हिना विश्वास की भी डिग्रियां शामिल हैं। वजह पुलिस को यह भी पता चला है कि परीक्षा के पहले ही अभ्यर्थियों की डिग्री से संबंधित सभी मूल दस्तावेज पीके अपने पास बतौर बंधक के रूप में रख लेता था। डील की पूरी रकम मिलने के बाद वह एडमिशन के समय पर अभ्यर्थी को उसके मूल दस्तावेज, अंक पत्र, सर्टिफिकेट आदि लौटाता था।

जांच में जुटी वाराणसी पुलिस को आशंका है कि नीट परीक्षा में पीके ने दर्जनों अभ्यर्थियों से सेटिंग कर उनके स्थान पर बीएचयू की बीडीएस छात्र जूली की तरह गिरोह में शामिल अन्य होनहार सॉल्वरों को बैठाकर जहां मोटी रकम की डील की होगी। वहीं संबंधित अभ्यर्थियों के मूल दस्तावेज अपने पास बंधक रखे होंगे। पीके के पकड़े जाने पर ऐसे कई राज खुलने की उम्मीद है। वहीं गिरोह से जुड़े कई और शातिरों के चेहरे बेनकाब होंगे, जबकि सॉल्वरों के सहारे डॉक्टर की डिग्री हासिल कर चुके कई लोगों की भी गर्दन जांच के बाद नप सकती है।

कोलकाता, त्रिपुरा या बेंगलुरु में छिपे होने की आशंका

पुलिस को आशंका है कि पीके पुलिस से बचने के लिए कोलकाता, त्रिपुरा या बेंगलुरु में छिपा हो सकता है। नाम सामने आने के बाद से ही उसके मोबाइल बंद हैं। पटना में रह रहे परिजन भी घर छोड़कर फरार हैं। पुलिस को पता चला है कि पीके ने कई कंपनियों के मोबाइल सिम फर्जी आईडी पर लिए हैं। उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की अलग-अलग टीमें रवाना हो चुकी हैं। पुलिस की एक टीम पटना में पीके व उसके गिरोह से जुड़े गुर्गों की तलाश कर रही है।

पीके के कारनामों को सुन हर कोई सन्न

पुलिस ने पीके की जो फोटो जारी की है, उसमें पीके की कद-काठी बेहद हट्टा-कट्टा व स्मार्ट है। हल्की मूछ व दाढ़ी रखने का पीके शौकीन है। महंगे कपड़े, जूते, घड़ी, ब्रेसलेट वह अक्सर पहनता है। आसपास के लोगों को वह अपने को डॉक्टर बताता था। लग्जरी कार से उसका आना-जाना होता था। बड़े होटलों में वह गुर्गों के साथ पार्टियां भी करता था, लेकिन आसपास के लोगों को वह अपना सही नाम न बताकर नीलेश ही बताता था। इसलिए पटना के दीघा, पाटलिपुत्र, पटना सिटी व मुसल्लहपुर में की गई छापेमारी के दौरान पुलिस को पीके के बारे में कोई कुछ भी नहीं बता सका। पाटलिपुत्र टेलीफोन एक्सचेंज के पास रहने वाले लोगों को जब यह पता चला कि नीलेश ही प्रेम कुमार उर्फ पीके है तो उसके कारनामों को सुनकर हर कोई सन्न रह गया, लेकिन उसके बारे में कोई भी खुलकर बोलने से बचता रहा।

पीके बीटेक व विकास बीएससी पास

सॉल्वर गैंग का सरगना प्रेम प्रकाश उर्फ नीलेश उर्फ पीके बीटेक व विकास बीएससी पास है। खगड़िया के विकास के साथ पकड़ा गया जहानाबाद के चंदवारा काकू का फोटो शॉपर राजू कुमार भी बीएससी उत्तीर्ण है।

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