पटना: क्या डॉक्टर की मर्जी से पत्नी ने जिम ट्रेनर से बनाया रिलेशन? पेज 3 वाले कपल के घर नेताओं की सजती थी महफ़िल?

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जिम ट्रेनर विक्रम के ऊपर हुए जानलेवा हमले के आरोप में पटना पुलिस ने डॉ. राजीव सिंह और उसकी पत्नी खुशबू सिंह को गिरफ्तार कर लिया है. पुलिस ने इस मामले में कुल 5 लोगों को गिरफ्तार किया है जिसमें डॉ. राजीव सिंह और खुशबू सिंह के अलावे एक लाइनर और दो शूटर शामिल हैं. पटना पुलिस इस पूरे कांड पर किसी भी वक़्त आधिकारिक तौर पर खुलासा कर सकती है.

पुलिस की जांच में शुरुआती दौर से यह बात सामने आई कि विक्रम के ऊपर हमले कि साजिश डॉ. राजीव और खुशबू ने रची. लेकिन पुलिस ने इन दोनों को शुरुआती पूछताछ कर इसलिए जाने दिया कि वह अन्य संभावनाओं पर जांच करना चाहती थी. 

आखिरकार पुलिस को जब इस बात का पूरा यकीन हो गया कि डॉ. राजीव सिंह और खुशबू सिंह के अलावा और किसी एंगल से विक्रम पर हमले की संभावना नहीं दिखती तो बीती रात दोनों को वापस पुलिस ने बुलाया और लाइनर और शूटर से मिले इनपुट के आधार पर इनकी गिरफ्तारी कर ली गई.

डॉ. राजीव सिंह जिस तरह पूरे मामले में खुद को सच्चा बनाने की कोशिश कर रहा था और अपनी पत्नी का बचाव कर रहा था उसके बाद अब यह सवाल उठना लाजमी है कि क्या डॉक्टर की पत्नी में अपने पति की रजामंदी से ही जिम ट्रेनर के साथ रिलेशनशिप बनाया. क्या डॉक्टर राजीव सिंह को इस पूरे रिलेशनशिप के बारे में जानकारी थी. 

दरअसल, राजीव सिंह और खुशबू सिंह एक ऐसे कपल के तौर पर जाने जाते हैं जो पेज 3 वाली हाई सोसाइटी इमेज रखते हैं. ऐसे कपल आमतौर पर हर दिन पार्टियों में शिरकत करते हैं या फिर हाईप्रोफाइल लोगों के साथ इनका मिलना जुलना होता है. 

डॉक्टर राजीव और खुशबू सिंह बड़ी तेजी के साथ पटना की पेज 3 सोसाइटी में अपनी पहचान बना चुके थे. इनका उठना बैठना हाईप्रोफाइल लोगों के साथ था. पुलिस ने इस मामले में अब दोनों को गिरफ्तार किया है. उसके बाद पटना के हाई प्रोफाइल जोन में तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं. चर्चा यह है कि राजीव सिंह और उसकी पत्नी के घर पर बड़े नेताओं तक का आना जाना था.

हर दिन खुशबू सिंह अपने पति के साथ इस दौरान मौजूद होती थी. पार्टी मस्ती और बढ़ता हुआ राजनैतिक कद यह सब कुछ डॉ. राजीव सिंह को बेहद पसंद आ रहा था. शुरुआती दौर से लेकर अब तक जानने वाले लोगों की मानें तो उसने बड़ी तेजी के साथ जनता दल यूनाइटेड में अपनी पकड़ मजबूत कर ली. जेडीयू चिकित्सा प्रकोष्ठ में उसने उपाध्यक्ष का पद भी हासिल कर लिया. 

जानकार मानते हैं कि जिम ट्रेनर विक्रम के ऊपर फायरिंग के मामले में गिरफ्तारी के बाद अगर पटना पुलिस इन दोनों से सख्ती के साथ पूछताछ करे तो बड़े सफेदपोश चेहरे बेनकाब हो सकते हैं. पटना में एक ऐसे पेज 3 सोसाइटी का भंडाफोड़ हो सकता है जिसमें पॉलिटिकल कनेक्शन भी है और शराबबंदी कानून की धज्जियां उड़ाने वाले मामले भी सामने आ सकते हैं. लेकिन बड़ा सवाल यह है कि क्या इस मामले में पुलिस की जांच आगे बढ़ पाएगी. क्या पुलिस केवल जिम ट्रेनर पर हमले तक की अपनी जांच को सीमित रखेगी या जांच का दायरा आगे भी बढ़ेगा.

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