हंटर किलर से कांपेंगे दुश्मन, भारतीय सेना को मिलेंगे और 118 अर्जुन टैंक, सरकार ने दिया सप्लाई का ऑर्डर

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भारतीय सेना की ताकत में और इजाफा होने वाला है, क्योंकि भारत सरकार थल सेना के लिए सरकारी क्षेत्र के उपक्रम हैवी वेहिकल्स फैक्ट्री (एचवीएफ) से नई क्षमताओं से लैस 118 मुख्य युद्धक टैंक अजुर्न एके-1ए खरीदेगा। रक्षा मंत्रालय ने गुरुवार को भारतीय सेना के लिए 118 मुख्य युद्धक टैंक (एमबीटी) अर्जुन Mk-1A की खरीद के लिए सप्लाई ऑर्डर को मंजूरी दे दी है, जो कि इसकी लड़ाकू क्षमताओं को बढ़ावा देने के लिए एक बड़ा कदम है। इस सौदे की लागत 7,523 करोड़ रुपये है। रक्षा मंत्रालय ने अर्जुन एमके-1ए टैंकों के लिए चेन्नई के अवडी स्थित हेवी व्हीकल फैक्ट्री (एचवीएफ) को ऑर्डर दिया।

दरअसल, एमबीटी Mk-1A, अर्जुन टैंक का एक नया संस्करण है। ये टैंक रक्षा मंत्रालय के प्रतिष्ठान-रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) ने  विकसित किए हैं। इनमें इसके पिछले संस्करण एमके-1 की तुलना में  72 नयी विशेषताएं हैं और यह पहले से अधिक स्वदेशी है। मंत्रालय ने कहा कि इस आर्डर से देश की 200 कंपनियों को एचवीएफ के साथ काम करने के अवसर मिलेंगे और नौकरियों के 8000 नए अवसर पैदा होंगे।

मंत्रालय ने कहा है कि यह निर्णय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्यों की दिशा में बड़ा कदम है। गौरतलब है कि पीएम मोदी ने पहला एमके-1ए टैंक 14 फरवरी 2021 को थल सेना प्रमुख जनरल एम एम नरवने को चेन्नई में सौंपा था। इन टैंकों के मिलने के बाद भारतीय सेना जमीन पर पहले से और ज्यादा मजबूत हो जाएगी।

टैंक के डिजाइन को डीआरडीओ ने तैयार और विकसित भी किया है। बता दें कि भारतीय सेना के बेड़े में पहले से ही 124 अर्जुन टैंक शामिल हैं। अब और 118 टैंक शामिल होने जा रहे हैं। सेना में पहले शामिल टैंक को पश्चिमी रेगिस्तान में तैनात किया गया है। इन 118 टैंकों से दो रेजिमेंट बनेगा। डीआरडीओ काफी समय से इसको अपडेट करने में जुटा हुआ है।

बता दें कि साल, 2004 में देश में ही निर्मित अर्जुन टैंक को सेना में शामिल किया गया था। इस टैंक को काम में लेने के बाद सेना ने इसके उन्नत वर्जुन के लिए कुल 72 तरह के सुधारों की मांग की थी। डीआरडीओ ने सेना के सुझावों को शामिल करते हुए हंटर किलर टैंक तैयार किया था। मार्च में पोखरण में ही इसका परीक्षण किया गया, जिसमें खरा उतरा। लेकिन सेना ने कुछ और सुधार की डीआरडीओ को कही थी।

अर्जुन टैंक की खासियत
टैंक में  डीआरडीओ के चार सुधारों के बाद अब इसमें फायर पावर क्षमता को काफी बढ़ाया गया है। नई तकनीक का ट्रांसमिशन सिस्टम लगाया गया है। यह अपने लक्ष्य को खुद तलाशने में सक्षम है। टैंक में कमांडर,गनर,लोडर व चालक का क्रू होगा। यह टैंक युद्धक्षेत्र में बिछाई गई माइंस को साफ करते हुए आसानी से आगे बढ़ सकेगा। केमिकल अटैक से बचाने के के लिए विशेष तरह के सेंसर लगे हैं।

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