RBI ने ब्याज दरों में नहीं किया बदलाव


वर्ष 2017-18 की दूसरी द्विमासिक मौद्रिक नीति समिति की बैठक में नीतिगत ब्याज दरों को 6.25 फीसद पर बरकरार रखा गया है। ब्याज दरों में बदलाव न किए जाने को लेकर एमपीसी के पांच सदस्यों ने सहमति जताई है। एमपीसी की अगली बैठक 1 और 2 अगस्त को होगी। हम अपनी इस खबर में आपको इस बैठक से जुड़ी 10 अहम बातें बताने जा रहे हैं।
मुख्य दरों में नहीं किया गया कोई बदलाव: एमपीसी की इस बैठक में रेपो रेट को 6.25 फीसद और रिवर्स रेपो को 6 फीसद पर बरकरार रखा गया है। यानी आरबीआई के इस फैसले से सस्ते कर्ज की उम्मीदों को झटका लगा है।
CRR और SLR: इस बैठक में सीआरआर (केश रिजर्व रेश्यो) को 4 फीसद पर स्थिर रखा गया है। वहीं एसएलआर में 0.50 फीसद की कटौती कर इसे 20 फीसद पर ला दिया गया है।
पॉलिसी मिनट्स: आरबीआई की इस मौद्रित नीति समिति के मिनट्स 21 जून को जारी किए जाएंगे, जिसमें साफ होगा कि ब्याज दरों को लेकर सदस्यों का कैसा रूख था।
एमपीसी की अगली बैठक: 6 और 7 जून को हुई मौद्रित नीति समिति (एमपीसी) की दो दिवसीय बैठक के बाद अब एमपीसी की अगली बैठक 1 और 2 अगस्त को होनी है।
महंगाई: आरबीआई ने कहा कि उसका महंगाई पर खासा ध्यान है। आरबीआई ने खुदरा महंगाई का लक्ष्य 4 फीसद पर रखा है। उसने कहा कि जीएसटी से महंगाई पर कोई खासा असर नहीं होगा।
जीवीए: आरबीआई ने जीवीए अनुमान को 7.4 फीसद से घटाकर 7.3 फीसद कर दिया है। सकल मूल्य वर्धित या ग्रॉस वैल्यू ऐडेड(GVA) अर्थशास्त्र की भाषा में किसी भी क्षेत्र, उद्योग, अर्थव्यवस्था या व्यावसायिक क्षेत्र में उत्पादित माल व सेवाओं के मूल्य की माप होती है।
एनपीए का मुद्दा: आरबीआई ने कहा कि हम एनपीए के मुद्दे पर सरकार के साथ मिलकर काम कर रहे हैं। आपको बता दें कि एनपीए के मुद्दे को लेकर सरकार और आरबीआई तेजी से काम कर रहे हैं। वहीं केंद्रीय बैंक ने यह भी कहा कि उसका लक्ष्य छोटी बचत योजनाओं की दर स्थिर रखने का है।
क्रेडिट पॉलिसी के बाद चढ़े शेयर बाजार: करीब 2.45 बजे आरबीआई की क्रेडिट पॉलिसी के बाद शेयर बाजार में तेजी देखने को मिल रही है। प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 77 अंक चढ़कर 31267 के स्तर पर और निफ्टी 21 अंक की तेजी के साथ 9658 के स्तर पर कारोबार कर रहे हैं। नैशनल स्टॉक एक्सचेंज पर मिडकैप में 0.57 फीसद और स्मॉलकैप में 0.34 फीसद की तेजी देखने को मिल रही है। सबसे ज्यादा तेजी बैंकिंग सेक्टर में देखने को मिल रही है। दिग्गज शेयर्स की बात करें तो निफ्टी में शुमार शेयर्स में से 35 हरे निशान में और 16 गिरावट के साथ कारोबार कर रहे हैं।
जीडीपी पर गवर्नर: आरबीआई गवर्नर ने कहा कि फंडामेंटल फैक्टर्स की वजह से जीडीपी में स्लोडाउन आया है। हाल में आए जीडीपी आंकड़े यह दर्शाते हैं कि नोटबंदी से पहली ही आर्थिक विकास की रफ्तार सुस्त पड़ रही थी। जीडीपी के अनुमानों पर ही अर्थव्यवस्था पर प्रदर्शन आंका जाता है।
क्या बोले उर्जित पटेल: क्रेडिट पॉलिसी के बाद आरबीआई गवर्नर ने कहा, “अप्रैल में महंगाई के आंकड़ों ने चौंकाया है। किसान कर्ज मांगी से वित्तीय घाटा बढ़ सकता है। आने वाले महंगाई आंकड़ों पर हमारी नजर है। महंगाई और सुस्त ग्रोथ से दरें घटाना मुमकिन नहीं है।”